
फ्रांस को मिला सबसे युवा प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति चुनाव से पहले मैक्रों का बड़ा फेरबदल
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34 वर्षीय शिक्षा मंत्री गेब्रियल अटल फ्रांस के नए प्रधानमंत्री बन गए हैं. फ्रांस में यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ है, जब राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों साल के अंत में होने वाले यूरोपीय चुनावों से पहले अपनी शीर्ष टीम में फेरबदल करने की तैयारी कर रहे हैं. एलिजाबेथ ने इमिग्रेशन के मुद्दे पर राजनीतिक तनाव बढ़ने की वजह से इस्तीफा दिया था, जिसे राष्ट्रपति मैक्रों द्वारा स्वीकार कर लिया गया था.
इमैनुएल मैक्रों ने मंगलवार को 34 वर्षीय शिक्षा मंत्री गेब्रियल अटल को फ्रांस का नया प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया है. सोमवार को एलिजाबेथ के पद के बाद यह फैसला लिया गया है. इसके साथ ही गेब्रियल अटल फ्रांस में सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बन गए हैं. इतना ही नहीं, वह फ्रांस के पहले समलैंगिक प्रधानमंत्री भी हैं.
एलिजाबेथ ने इमिग्रेशन के मुद्दे पर राजनीतिक तनाव बढ़ने की वजह से इस्तीफा दिया था, जिसे राष्ट्रपति मैक्रों द्वारा स्वीकार कर लिया गया था. फ्रांस में यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ है, जब राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों साल के अंत में होने वाले यूरोपीय चुनावों से पहले अपनी शीर्ष टीम में फेरबदल करने की तैयारी कर रहे हैं.
फ्रांसीसी मीडिया मुताबिक मैक्रों यूरोपीय संसद चुनावों से पहले अपने दूसरे जनादेश में नई जान फूंकना चाहते हैं. इसके चलते एलिजाबेथ को हटाकर नए प्रधानमंत्री चेहरे को मौका दिया गया है. दरअसल, मैक्रों के एक बार फिर फ्रांस का राष्ट्रपति चुने जाने के बाद मई 2022 में एलिजाबेथ को देश का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था. वह लगभग दो साल तक इस पद पर थीं. इस पद पर पहुंचने वाली वह फ्रांस की दूसरी महिला प्रधानमंत्री थीं.
सबसे कम उम्र के शिक्षा मंत्री भी थे गेब्रियल
इमैनुएल मैक्रॉन के लंबे समय से समर्थक और मित्र गेब्रियल अटल ने बतौर शिक्षा मंत्री दुनियाभर में उस समय सुर्खियां बटोरी थीं जब उन्होंने मुस्लिम महिलाओं और लड़कियों द्वारा पहना जाने वाला परिधान अबाया को फ्रांस के सरकारी स्कूलों में बैन करने की घोषणा की थी. वह फ्रांस के आधुनिक इतिहास में सबसे कम उम्र के शिक्षा मंत्री भी बने थे.

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