
फिलहाल अटक गई है शबनम की फांसी, इस वजह से डेथ वारंट पर हो रही सुनवाई टली
AajTak
माना जा रहा है कि अपने ही परिवार के सात लोगों की जघन्य हत्या के मामले में दोषी शबनम को फांसी से बचाने के लिए ही उसके वकील ने यह नई दया याचिका रामपुर जेल के जरिए राज्यपाल के पास डलवाई है. इस दया याचिका की वजह से ही शबनम की फांसी की तारीख मुकर्रर नहीं हो पाई.
अमरोहा के बहुचर्चित बामनखेड़ी कांड की गुनाहगार शबनम की फांसी फिलहाल अटक गई है. ऐसा उसकी नई दया याचिका की वजह से हुआ है. दरअसल, अमरोहा कोर्ट ने डेथ वारंट जारी करने से पहले इस मामले में किसी दया याचिता लंबित होने की रिपोर्ट तलब की थी. जिसमें पता चला कि शबनम की तरफ से एक बार फिर दया याचिका राज्यपाल को डाली गई है. ऐसे में यूपी के अमरोहा में जनपद न्यायालय द्वारा अभियोजन पक्ष से शबनम केस में किसी भी स्तर पर लंबित दया याचिका की रिपोर्ट मांगे जाने के बाद, एक बार फिर शबनम को डेथ वारंट जारी होने के मामले में राहत मिल गई. अब आगे दया याचिका की रिपोर्ट आने के बाद ही डेथ वारंट पर फैसला हो पाएगा. बता दें कि शबनम की पहली दया याचिका राष्ट्रपति द्वारा खारिज की जा चुकी है.
ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अहम चेहरा अली लारीजानी को इजरायल ने टारगेट किया है. हालांकि ये अब तक साफ नहीं है कि अली लारीजानी की स्थिति कैसी है. इजराइल का एक और बड़ा दावा है कि उसके हमले की जद में बसीज कमांडर भी आए हैं. दावे के मुताबिक बसीज पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी को भी निशाना बनाया गया. बसीज, ईरान की एक अहम पैरामिलिट्री फोर्स है, जो आंतरिक सुरक्षा और विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भूमिका निभाती है.

एक तरफ अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे है. वहीं दूसरी तरफ हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल की जंग जारी है. इजरायल ने एक बार फिर लेबनान में हमला किया. लेबनान की राजधानी बेरूत में इजरायली एयर फोर्स ने एयर स्ट्राइक की. हिज्बुल्लाह के ठिकानों को इजरायल ने निशाना बनाया, हमले के बाद बेरूत के कई इलाकों में धमाके की आवाज सुनी गई. हमले के बाद काला धुआं भी उठता देखा गया.

होर्मुज में तेल और गैस पर ईरान ने जो रोक लगा रखी है, उसकी सुरक्षा के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने मित्र देशों से युद्धपोत भेजने की गुहार लगाई है. लेकिन फ्रांस, जापान, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया ने युद्धपोत भेजने से इनकार कर दिया, यगां तक की यूके ने भी कहां वो अभी इसपर विचार विमर्श कर रहे है.

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक से सारे शहर में सन्नाटा पसरा है. जिस अस्पताल में कभी हजार से ज्यादा मरीज थे वो इमारत अब खंडहर में तब्दीर हो गई है. चारों ओर सिर्फ आग और धुंए का गुबार दिख रहा है. इस हमले से 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 250 से ज्यादा लोग घायल हो चुके है.









