
फिर मंडरा रहा जिहादी ब्राइड्स का खतरा, क्यों ISIS की तर्ज पर जैश-ए-मोहम्मद कर रहा महिलाओं की भर्तियां?
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पाकिस्तान का आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद महिला ब्रिगेड बना चुका, जो टैरर फैलाने के लिए महिलाओं को ट्रेनिंग देगा. इससे पहले भी कई चरमपंथी गुट, यहां तक कि इस्लामिक स्टेट (ISIS) ने भी जन्नत का सपना दिखाकर हजारों महिलाओं को सीरिया बुला लिया था और उन्हें यौन गुलाम बनाकर सालों टॉर्चर किया.
ऑपरेशन सिंदूर में लगभग पूरा परिवार गंवा चुके पाकिस्तानी आतंकी मसूद अजहर की साजिशें अब भी बंद नहीं हुईं. वो अब एक महिला ब्रिगेड बना रहा है. इसमें महिलाओं को रिक्रूट करने के बाद बाकायदा पूरी ट्रेनिंग मिलेगी और वे आतंकियों के काम को आगे बढ़ाएंगी. जैश अकेला नहीं, इससे पहले भी कई चरमपंथी समूहों में महिलाओं की भर्तियां होती रहीं. इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) से जुड़ने के लिए अमीर देशों की युवतियां भी सीरिया पहुंच गईं थीं.
आखिर ऐसी क्या वजह होती है कि कुछ महिलाएं चरमपंथ के रास्ते पर चलने वाले इन संगठनों की ओर आकर्षित हो जाती हैं?
जैश-ए-मोहम्मद के बारे में खबरें आ रही हैं कि वो महिलाओं की एक्टिव भर्तियां शुरू करने जा रहा है. उन्हें एक खास ब्रिगेड में रखा जाएगा और प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे भारत के हित में काम कर रही महिलाओं को नुकसान पहुंचा सकें. कथित तौर पर मसूद अजहर इस महिला ब्रिगेड की जिम्मेदारी अपनी बहन सादिया अजहर को दे रहा है.
पाकिस्तान स्थित महिला ब्रिगेड ऐसे करेगी काम
संगठन का नाम जमात-उल-मोमिनात हो सकता है, जिसकी पाकिस्तान के हर जिले में एक ब्रांच होगी. इसके तहत महिलाओं को 15 दिन का एक कोर्स- दौरा-ए-तस्किया कराया जाएगा. इसके बाद लगभग इतने ही वक्त का एक और प्रशिक्षण होगा, जिसमें हथियार चलाने की ट्रेनिंग भी हो सकती है. रोज लगभग 40 मिनट की ऑनलाइन क्लास होगी.
कैसे लुभाया जा रहा

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