
‘फर्क साफ दिखता है’... स्पेन और भारतीय ऑफिस कल्चर की तुलना वायरल, छिड़ी बहस
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एक भारतीय कर्मचारी ने रेडिट पर स्पेनिश और भारतीय टीमों के साथ काम करने के अनुभव की तुलना की है. उसने कहा कि स्पेन की टीम शांत, व्यवस्थित और प्रोफेशनल थी, जबकि भारत में ऑफिस का माहौल शोरगुल वाला, जल्दबाजी भरा और थकाने वाला है.
ऑफिस का माहौल हमारे काम और मन दोनों पर असर डालता है. इसी वजह से एक भारतीय कर्मचारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर अपनी परेशानी बताई है. उसने स्पेन और भारत की टीमों के साथ काम करने के अनुभव की तुलना की और कहा कि भारतीय ऑफिस का माहौल ज्यादा शोरगुल वाला और अव्यवस्थित है. उसकी इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई है. चलिए जानते हैं.
भारतीय कर्मचारी के पोस्ट पर छिड़ी बहस एक भारतीय कर्मचारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर अपनी ऑफिस लाइफ को लेकर नाराजगी जताई है. उसने स्पेन की टीम और भारत की मौजूदा टीम के साथ काम करने के अनुभव की तुलना की और दोनों के बीच बड़ा फर्क बताया. कर्मचारी के मुताबिक, पहले जब वह स्पेनिश टीम के साथ काम करता था, तो माहौल शांत, व्यवस्थित और प्रोफेशनल था. लोग धैर्य से काम करते थे और मीटिंग कम समय में सही रिजल्ट के साथ खत्म हो जाती थीं. लेकिन अब भारत में उसकी टीम का माहौल बिल्कुल उल्टा है.
थकाने वाला होता है भारतीय ऑफिस कल्चर पोस्ट में उसने लिखा कि भारतीय ऑफिस कल्चर बहुत शोरगुल वाला और थकाने वाला हो गया है. मीटिंग्स में बेवजह चिल्लाहट होती है, लोग जल्दी में रहते हैं लेकिन काम में साफ़ सोच नहीं दिखती. कई बार लंबी मीटिंग्स होती हैं, लेकिन उनसे कोई ठोस नतीजा नहीं निकलता. कर्मचारी ने यह भी कहा कि कंपनी में 15–16 साल से काम कर रहे कुछ लोग अब भी बेसिक काम ठीक से नहीं कर पाते, जिससे उसे सबसे ज्यादा गुस्सा आता है. उसने लिखा- स्पेन में लोग शांत, विनम्र और व्यवस्थित थे. यहां माहौल जल्दबाजी भरा, शोरगुल वाला और अव्यवस्थित लगता है. फर्क साफ दिखाई देता है.
स्पेन में कर्मचारियों की हो रही छंटनी यह पोस्ट ऐसे समय सामने आई है जब स्पेन में कर्मचारियों की छंटनी हुई है और भारत में नए लोगों की भर्ती की जा रही है. जब तक नए कर्मचारियों की ट्रेनिंग पूरी नहीं होती, तब तक मौजूदा भारतीय कर्मचारी अतिरिक्त जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं. रेडिट पर इस पोस्ट को लेकर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली. कई यूजर्स ने कर्मचारी की बातों से सहमति जताई और अपने ऑफिस के ऐसे ही अनुभव साझा किए. वहीं कुछ लोगों ने कहा कि उनके भारतीय सहकर्मी अच्छे और सहयोगी रहे हैं.

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