
पढ़ें क्या हैं 13 दिसंबर 2023 की भारत, अमेरिका समेत दुनिया की बड़ी खबरें
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13 दिसंबर को अमेरिका, दुनिया और भारत में ये खबरें सुर्खियों में बनी रहीं. आइए डालते हैं एक नजर...
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन हमास के कब्जे से छूटकर बंधकों और उनके परिवार से मुलाकात करेंगे. पाकिस्तान में हुए आतंकी हमले में 100 किलो से ज्यादा विस्फोटक इस्तेमाल हुआ था. वहीं, भारतीय संसद में सुरक्षा चूक का बड़ा मामला सामने आया है. 13 दिसंबर को अमेरिका, दुनिया और भारत में ये खबरें सुर्खियों में बनी रहीं. आइए डालते हैं एक नजर...
अमेरिका की 5 बड़ी खबरें...
1. हमास के कब्जे से छूटे बंधकों से मिलेंगे बाइडेन
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन हमास के कब्जे से छूटे बंधकों और उनके परिवार से आज मुलाकात करेंगे. बंधकों और उनके परिवार को व्हाइट हाउस में बुलाया जाएगा, जहां बाइडेन से उनसे मुलाकात करेंगे. हमास ने स्थाई सीजफायर के तहत चार अमेरिकी नागरिकों को रिहा किया था. रिहा किए गए बंधकों में एक चार साल की बच्ची भी शामिल है.
2. डकैती की सजा काटकर बाहर निकले व्यक्ति ने फिर की लूटपाट
लॉस एंजेलिस में हथियार के दम पर डकैती के मामले में सजा काटकर जेल से बाहर आए शख्स ने फिर लूटपाट की है. 60 साल के मार्कहम डेविड बॉन्ड को 1995 में डकैती के मामले में 46 साल की सजा सुनाई गई थी. लेकिन उसे 26 साल की सजा पूरी करने पर ही रिहा कर दिया. अब उसने फिर हथियार के दम पर 1.45 लाख डॉलर की लूटपाट की है.

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ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

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ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.








