
प्रयागराज में कत्ल, गुजरात में साजिश और आरोपी नेपाल में... अतीक गैंग के तार कहां-कहां तलाश रही यूपी पुलिस?
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प्रयागराज की सड़कों पर हाल के दिनों में हुई इस सबसे बड़ी वारदात को सुलझाना यूपी पुलिस के लिए इतनी बडी चुनौती बन जाएगी, ये किसी ने भी नहीं सोचा था. सूबे के सबसे बड़े 'हत्याकांड' के बाद यूपी पुलिस का सबसे बड़ा सर्च ऑपरेशन जारी है.
उमेश पाल हत्याकांड की जांच इंटरनेशनल बन चुकी है. यूपी पुलिस के एक दर्जन से ज्यादा आईपीएस और पीपीएस अफसर की निगरानी में 150 से ज्यादा पुलिसकर्मी दो देशों में कातिलों की तलाश कर रहे हैं. यूपी पुलिस और STF की 22 टीम इस काम में जुटी हैं. हर शूटर की तलाश में 3 डेडिकेटेड टीम लगाई गई हैं. जिसके चलते 100 से ज्यादा जगह पर छापेमारी की जा चुकी है. लेकिन अभी तक इस हाईप्रोफाइल मर्डर केस के कई आरोपी पुलिस की पहुंच से बाहर हैं.
मुखबिरों के सबसे बड़े नेटवर्क का इस्तेमाल प्रयागराज की सड़कों पर हाल के दिनों में हुई इस सबसे बड़ी वारदात को सुलझाना यूपी पुलिस के लिए इतनी बड़ी चुनौती बन जाएगी, ये किसी ने भी नहीं सोचा था. सूबे के सबसे बड़े हत्याकांड के बाद यूपी पुलिस का सर्च ऑपरेशन ताबड़तोड़ जारी है. इस कत्ल के मामलों के सुलझाने के लिए यूपी पुलिस ने मुखबिरों के बड़े-बड़े नेटवर्क से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस तक की मदद ली है. वो भी तब जब इस वारदात में शामिल सभी के सभी शूटरों के चेहरे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गए थे और पहले ही दिन से पुलिस इस मामले में शामिल किरदारों का नाम लेने के साथ-साथ इस कत्ल के पीछे के मोटिव का भी खुल कर जिक्र कर रही थी. लेकिन एक 24 फरवरी का दिन था और एक आज का दिन. प्रयागराज के उमेश पाल हत्याकांड को अब दो हफ्ते यानी पखवाड़े भर का वक्त गुजर चुका है, लेकिन यूपी पुलिस के हाथ अब भी खाली ही नजर आ रहे हैं.
पांच शूटर नदारद ले-देकर इस केस में उसने कुछ मकानों को मटियामेट किया है, दो गुर्गों को ढेर किया है और साजिश में शामिल एक किरदार को पकड़ने का दावा किया है, लेकिन सच्चाई यही है कि इतना सबकुछ होने के बावजूद पुलिस ना तो इस केस के एक भी शूटर को गिरफ्तार कर सकी है और ना ही इस केस के असली किरदारों से पूछताछ ही हुई है. हालत ये है कि पुलिस इस वारदात में शामिल शूटरों की धर-पकड़ के लिए उनके सिर पर रखी गई इनाम की राशि बढ़ाती जा रही है. लेकिन इनाम की राशि 50 हजार से ढाई लाख पहुंचने के बावजूद अब भी पांच शूटर नदारद हैं.
पुलिस की पहुंच से बाहर हैं ये आरोपी ये 2.5 लाख के इनामी शूटरों में अतीक अहमद का बेटा असद अहमद, वारदात में शामिल शूटर अरमान, साज़िश रचने से लेकर शूटआउट करनेवाला मोहम्मद ग़ुलाम, अतीक का पुराना वफ़ादार गुड्डू मुस्लिम और अतीक का पुराना ड्राइवर मोहम्मद साबिर का नाम शामिल है. यानी असली किरदार और असली शूटरों से अभी पुलिस के हाथ दूर ही हैं.
पांच राज्यों में छुपे हो सकते हैं आरोपी अब पुलिस के लिए पांच आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करना कितनी बड़ी चुनौती है, इसका अंदाज़ा इनकी धर-पकड़ के लिए चलाए जा रहे यूपी पुलिस के अभियान को देखने से ही समझा जा सकता है. पुलिस ने इन मुल्जिमों तक पहुंचने के लिए अपने मुखबिरों की अब तक की सबसे बड़ी टीम झोंक रखी है, जिन्हें इनके बारे में कोई जानकारी मिलते ही खबर करने को कहा गया है. पुलिस के पास इनके संभावित लोकेशन को लेकर अब तक जो इनपुट है, उसके मुताबिक ये लोग देश के पांच राज्यों में से किसी एक में कहीं दुबके हो सकते हैं.
लोकल सपोर्ट मिलने की उम्मीद खबर ये भी है कि वारदात को अंजाम देने के बाद ये लोग एक साथ नहीं हैं, बल्कि अलग-अलग हिस्सों में बंट चुके हैं, ऐसे में इनकी लोकेशन भी अलग-अलग जगहों पर होने की उम्मीद है. पुलिस की जानकारी के मुताबिक इनके उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में होने की आशंका है. क्योंकि यही वो राज्य हैं, जहां इन्हें अपने गैंग के दूसरे गुर्गों और कुछ और माफियाओं से लोकल सपोर्ट मिलने की उम्मीद है.

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