
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोस्त नेतन्याहू दोबारा बन सकते हैं इजराइल के PM
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इजराइल में हुए ताजा आम चुनाव के बाद अब मतगणना चल रही है. अब तक 87.6 प्रतिशत मतपत्रों की गिनती हो चुकी है. इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दोबारा सत्ता में लौटने की संभावना बढ़ गई है. अनुमान के मुताबिक नेतन्याहू के गठबंधन को इस चुनाव में 65 के करीब सीट मिल सकती हैं, जो बहुमत साबित करने के लिए काफी हैं.
चार साल से भी कम समय में 5 आम चुनाव देख चुके इजराइल में वोटों की गिनती जारी है. अब तक 87.6 प्रतिशत मतपत्रों की गिनती हो चुकी है. इसके साथ ही पीएम मोदी के दोस्त और इजराइल के पूर्व प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दोबारा सत्ता में लौटने की संभावना सबसे ज्यादा जताई जा रही है.
दरअसल, इजराइल की संसद में 120 सीटें हैं. नेतन्याहू की लिकुड पार्टी और उसके सहयोगियों के इनमें से 65 सीटें जीतने का अनुमान है. बता दें कि इसराइल की राजनीति पूरी तरह से गठबंधन पर आधारित है. यहां कोई भी एक पार्टी संसद में कभी बहुमत हासिल नहीं कर पाती है. इसलिए सरकार बनाने के लिए दूसरे दलों की मदद लेना ही पड़ता है.
नतीजे पूरे होने से पहले ही नेतन्याहू ने लिकुड पार्टी के चुनाव मुख्यालय में अपने समर्थकों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि हम एक बहुत बड़ी जीत के कगार पर हैं. इजराइल में 2019 के बाद से ही राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है. यहां सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे नेतन्याहू को रिश्वेतखोरी और धोखाधड़ी के आरोप लगने के बाद अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी थी. इस चुनाव में नेतन्याहू के मुख्य प्रतिद्वंद्वी यैर लैपिड थे. इन्होंने ही नेतन्याहू को सत्ता से हटाने के लिए पूरी बिसात बिछाई थी.
क्या कहते हैं चुनावी सर्वे?
वोटिंग से पहले कुछ ओपिनियन पोल भी किए गए थे, जिनके नतीजे बताते हैं कि नेतन्याहू और लैपिड के बीच में कड़ी टक्कर रहने वाली है, लेकिन लिकुड पार्टी दूसरे सहयोगी दलों के साथ बहुमत साबित करने में कामयाब हो सकती है. न्यूज आउटलेट Israel Hayom के फाइनल सर्वे के मुताबिक नेतन्याहू की पार्टी इस चुनाव में 30 सीटें जीत सकती है. लेकिन उनका दक्षिणपंथी और धार्मिक सहयोगियों का जो गुट है, उसके खाते भी अच्छी सीटें आती दिख रही हैं. सहयोगी दलों के साथ लिकुड पार्टी को 61 सीटें मिलती दिख रही हैं. ऐसे में कुल आंकड़ा बहुमत साबित करने के लिए काफी रह सकता है. वहीं यैर लैपिड की Yesh Atid party को इस सर्वे में 25 सीटें दी जा रही हैं. वहीं उनके नेतन्याहू विरोधी गुट को भी इसमें शामिल कर लिया जाए तो उनका आंकड़ा 59 पहुंच जाता है, यानी कि बहुमत दो सीटें कम.
इजरायल में कैसे होता है चुनाव?

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