
'पैर कांपने लगे, मेरा दिल जोर से धड़क रहा था...', रात 2 बजे वेनेजुएला में अमेरिका ने 'कयामत' ला दी!
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वेनेजुएला की राजधानी काराकस नींद की आगोश में थी. रात के 2 बज रहे थे. एक पत्रकार ने बताया कि अचानक बिजली सी कड़कने लगी और तेज धमाके हुए. एक पत्रकार ने बताया कि, 'मेरा दिल जोर से धड़क रहा था और पैर कांप रहे थे. कुछ ही मिनटों में काराकस जग गया. शहर के आसमान में धुएं के गुबार थे.
"स्थानीय समय के अनुसार रात को 2 बज रहे थे. हमे पहली बार प्लेन की आवाज सुनी. तभी मैंने तेज धमाके की आवाज सुनी. कुछ ही मिनटों में धुएं का गुबार दिखाई दिया. मेरे आंखों के आगे कुछ नहीं दिख रहा था. कुछ ही देर में कई लोगों ने कराकस से रिपोर्टिंग शुरू कर दी. मैं प्लेन, हेलिकॉप्टर की आवाज सुन रही थी. हमें लगा कि राष्ट्रपति मादुरो एक बयान जारी करेंगे..."
वेनेजुएला में तैनात अतंर्राष्ट्रीय पत्रकारों को भी उम्मीद न थी कि अमेरिका का ये ऑपरेशन इतना बड़ा होगा. ऑपरेशन की चश्मदीद कराकस में तैनात बीबीसी की पत्रकार वेनेसा सिल्वा ने बताया कि धमाके "बिजली कड़कने से भी ज़्यादा तेज" थे, इससे उनका घर हिलने लगा. राजधानी काराकास एक घाटी में स्थित है, इसलिए धमाकों की आवाज पूरे शहर में गूंजी."
उन्होंने कहा, "मेरा दिल ज़ोर से धड़क रहा था और पैर कांप रहे थे." वेनेसा ने बताया कि धमाके इतने पास हुए थे कि वह डर गई थी, लेकिन ये अटैक बहुत सटीक लग रहे थे." वेनेसा सिल्वा के एक रिश्तेदार ने आसमान से कुछ गिरते हुए देखा और दस सेकंड बाद एक ज़ोरदार धमाका सुना.
उन्होंने कहा कि ये हमले न सिर्फ कराकास में हुए बल्कि मिरांदा और अराउवा में भी हुए.
2026 के तीसरे दिन की सुबह वेनेजुएला की राजधानी काराकस में हुए 7 धमाकों के बाद चारों ओर दशहत फैल गई. लोग सड़कों पर भागने लगे. जबकि कुछ लोगों ने धमाकों की आवाज सुनने और उन्हें देख कर रिपोर्ट करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया. यह तुरंत साफ नहीं था कि दोनों तरफ कोई हताहत हुआ है या नहीं.
ये हमला 30 मिनट से भी कम समय तक चला और यह साफ नहीं था कि आगे और कार्रवाई होगी या नहीं.

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