
पेपरलीक पर एक्शन का भरोसा, आपातकाल के जख्म और CAA का जिक्र... पढ़ें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण की बड़ी बातें
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18वीं लोकसभा के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने न सिर्फ सरकार की कामयाबियों को रेखांकित किया बल्कि उन्होंने पेपर लीक, आपातकाल, किसान, आगामी बजट, पूर्वोत्तर के विकास जैसे मु्द्दों पर भी अपनी राय रखी. पेपर लीक पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि यदि किसी कारण से परीक्षा में बाधा उत्पन्न होती है तो यह उचित नहीं है. सरकारी भर्तियों और परीक्षाओं में शुचिता और पारदर्शिता बहुत जरूरी है.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए नीट पेपर लीक, आपातकाल, भारत की संसदीय प्रणाली की कामयाबी जैसे मुद्दों पर अपनी राय रखी. राष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र को कलंकित करने के हर प्रयास की सभी को निंदा करनी चाहिए. उन्होंने इंदिरा गांधी सरकार द्वारा देश पर थोपे गए आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि 1975 में तत्कालीन सरकार के इस कदम से पूरे देश में हाहाकार मच गया था.
18वीं लोकसभा को पहली बार संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सरकार देश के युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें हासिल करने में सक्षम बनाने के लिए माहौल बनाने के लिए काम कर रही है.
NEET का नारा और राष्ट्रपति का भरोसा
अभिभाषण के दौरान राष्ट्रपति जब शिक्षा के मोर्चे पर सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का जिक्र कर रही थीं तो विपक्ष के कुछ सदस्य NEET का नारा लगा रहे थे.
राष्ट्रपति ने कहा कि यदि किसी कारण से परीक्षा में बाधा उत्पन्न होती है तो यह उचित नहीं है. सरकारी भर्तियों और परीक्षाओं में शुचिता और पारदर्शिता बहुत जरूरी है.
उन्होंने कहा, "सरकार का ये निरंतर प्रयास है कि देश के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का उचित अवसर मिले. सरकारी भर्ती हो या फिर परीक्षाएं, किसी भी कारण से इनमें रुकावट आए, ये उचित नहीं है. इनमें शुचिता और पारदर्शिता बहुत ज़रूरी है."

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