
पुतिन खोलेंगे सेक्स मिनिस्ट्री तो जापान में 25 से पहले करनी ही होगी शादी! जबरन आबादी बढ़ाने पर क्यों तुले दुनियाभर के नेता?
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आबादी वैसी ही बढ़ रही है, लेकिन दुनियाभर के नेता इस आबादी को और बढ़ाने पर तुले हैं. रूस में तो सेक्स मिनिस्ट्री खोलने पर विचार चल रहा है. जापान में भी अजीबो-गरीब प्रस्ताव रखा गया है. ऐसे में जानते हैं कि आखिर ऐसा क्या होने वाला है कि जबरन आबादी बढ़ाने पर तुल गई है दुनिया?
अभी कुछ हफ्तों पहले की ही बात है. आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने लोगों से ज्यादा बच्चे पैदा करने की अपील की. उन्होंने कहा था, देश में फर्टिलिटी रेट 2.1 है, जबकि आंध्र में ये 1.6 है और अगर ऐसा ही चलता रहा तो 2047 तक आंध्र में बुजुर्गों की आबादी बहुत होगी. उन्होंने ये भी कहा कि सरकार जल्द ही एक नया कानून लाएगी, जिसके बाद वही लोग स्थानीय चुनाव लड़ सकेंगे, जिनके दो या उससे ज्यादा बच्चे होंगे.
चंद्रबाबू नायडू के बाद तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने भी इसी तरह की बात की. उन्होंने तो यहां तक कहा कि नए जोड़ों को 16-16 बच्चे पैदा करने चाहिए.
लेकिन ये सिर्फ भारत तक ही नहीं...
ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने की ये अपील सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं है. बढ़ती आबादी को थामने के लिए 80 के दशक में चीन ने 'वन चाइल्ड पॉलिसी' लागू कर दी थी. इससे आबादी तो थमी लेकिन बुजुर्ग आबादी तेजी से बढ़ने लगी. बाद में 'टू चाइल्ड' और फिर 'थ्री चाइल्ड' पॉलिसी लागू की गई.
पिछले साल ही चीन ने एक नई स्कीम शुरू की है, ताकि लोगों को शादी और ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके.
अब दुनियाभर के कई देशों में बुजुर्ग आबादी और घटती फर्टिलिटी रेट को बढ़ाने के लिए कई तरह की तरकीबें अपनाई जा रहीं हैं. रूस में हाल ही में 'सेक्स एट वर्कप्लेस' का प्रस्ताव रखा गया था. इसके तहत लोगों को सुझाया गया था कि वो ऑफिस में लंच या कॉफी ब्रेक लेकर सेक्स करें और बच्चे पैदा करें.

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