
पुतिन की सेना ने यूक्रेन के न्यूक्लियर पावर प्लांट प्रमुख को किया अगवा?
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यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एकबार फिर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. पहले तो उन्होंने यूक्रेन के चार इलाकों में जनमत संग्रह कर उन्हें रूस में मिला लिया. अब खबर आ रही है कि रूसी सेना ने यूक्रेन ने न्यूक्लियर पावर प्लांट के डायरेक्टर जनरल को अगवा कर लिया है.
यूक्रेन और रूस के बीच पिछले सात महीनों से युद्ध जारी है. इस जंग में यूक्रेन और रूस दोनों देशों को जानमाल का भारी नुकसान हुआ है, लेकिन युद्ध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा. यूक्रेन के चार इलाकों में जनमत संग्रह के बाद राष्ट्रपति पुतिन ने इसे रूस में मिला लिया. अब बताया जा रहा है कि यूक्रेन के न्यूक्लियर प्लांट प्रमुख को रूस के सैनिकों द्वारा अगवा कर लिया गया है.
समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक जपोरिजिया न्यूक्लियर पावर प्लांट के डायरेक्टर जनरल Ihor Murashov (इहोर मुराशोव) को शुक्रवार शाम रूसी सेनिकों ने अपहरण कर लिया है. यूक्रेन की परमाणु कंपनी एनर्गोटम के मुताबिक, '' रूसी सैनिकों ने मुराशोव की कार को रोक लिया और उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी. फिर उन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाया गया. कंपनी के प्रेसिडेंट पेट्रो कोटिन ने कहा कि मुराशोव को अगर हिरासत में लिया गया है तो यह परमाणु ऊर्जा संयंत्र को खतरे में डालेगा.''
कंपनी की ओर से डायरेक्टर जनरल को रिहा करने की मांग की गई है. हालांकि रूस की तरफ से इस पर कोई जवाब नहीं आया है. अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने बताया है कि रूसी अथॉरिटी की तरफ से उन्हें जानकारी दी गई है कि मुराशोव को फिलहाल हिरासत में ले लिया गया है.
हालांकि IAEA ने यह नहीं बताया है कि मुराशोव की स्थिति कैसी है और उन्हें कब छोड़ा जाएगा. बता दें कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के कई कर्मचारी परमाणु प्लांट में काम करते हैं. इससे पहले जपोरिजिया न्यूक्लियर पावर प्लांट में युद्ध के दौरान एक बार आग भी लग गई थी. इस प्लांट पर रूसी सैनिकों ने कब्जा कर लिया था, उसके बाद भी यूक्रेन के स्टाफ प्लांट को चलाते रहे. युद्ध के कारण प्लांट का अंतिम रिएक्टर सितंबर में बंद कर दिया गया था.
गौरतलब है कि युद्ध के सात महीने बाद रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन के चार इलाकों को रूस में शामिल करने का ऐलान कर दिया था. इससे पहले उन इलाकों में सर्वे किया गया था. सर्वे के बाद बताया गया कि वहां के लोग रूस में शामिल किए जाने का समर्थन कर रहे हैं. जिन चार इलाकों में सर्वे कराया गया था उनमें डोनेत्स्क, लुहांस्क, जेपोरीजिया और खेरसान शामिल हैं.
रूस के राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन में शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम में चारों इलाकों रूस में शामिल किए जाने का ऐलान किया गया. इस सेरेमनी में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल थे और भारी संख्या में जनता ने भाग लिया.

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