
पुतिन का अल्टीमेटम और रूसी खुफिया विभाग में फूट... वैगनर आर्मी की बगावत में पिक्चर अभी बाकी है!
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रूस में प्राइवेट आर्मी वैगनर द्वारा जारी बगावत भले ही 24 घंटे में थम गई हो, लेकिन यूक्रेन से जारी युद्ध के बीच रूस में 24 घंटे चली बगावत के दौरान जो कुछ भी हुआ, वो राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. इस बगावत के बाद सवाल ये भी उठ रहा है कि क्या वैगनर से रूसी सेना के ये विवाद थम जाएगा या फिर प्रिगोझिन फिर ऐसा कोई कदम उठा सकते हैं.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन प्राइवेट आर्मी वैगनर की बगावत के बाद उपजे गृह युद्ध के संकट को 24 घंटे के भीतर टालने में कामयाब रहे. वैगनर लड़ाकों के कैंपों में लौटने के बाद पुतिन ने क्रेमलिन में सुरक्षा सेवा प्रमुख, रक्षा मंत्री और अन्य शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की. साथ ही पुतिन ने इस बगावत के पीछे पश्चिमी देश और कीव (यूक्रेन) को जिम्मेदार ठहराया. इतना ही नहीं उन्होंने बगावत करने वाले गुट को अल्टीमेटम दे डाला. पुतिन ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा कि वैगनर लड़ाके चाहें तो सेना में शामिल हो सकते हैं या बेलारूस जा सकते हैं. अपने घर भी लौट सकते हैं. हालांकि, येवगेनी प्रिगोझिन के नेतृत्व में जिस तरह से वैगनर आर्मी ने बगावत की, उससे पुतिन के लिए नेतृत्व पर सवाल खड़े होने लगे हैं. इतना ही नहीं सवाल ये भी उठ रहा है कि क्या प्रिगोझिन को रूसी सेना के कुछ बड़े अफसरों का सपोर्ट है?
बगावत खत्म करने के बाद क्या बोले पुतिन?
पुतिन ने बगावत खत्म होने के बाद पहली बार रूस को संबोधित किया. इस दौरान पुतिन ने बताया कि उन्होंने विद्रोह के दौरान 'बड़े पैमाने पर खूनखराबा' से बचने का आदेश दिया था. जबकि पश्चिमी देश और कीव (यूक्रेन) चाहते थे कि रूसी 'एक दूसरे को मार डालें. वैगनर लड़ाके चाहें तो सेना में शामिल हो सकते हैं या बेलारूस जा सकते हैं. अपने घर भी लौट सकते हैं. उन्होंने कहा, हमने विद्रोह को 24 घंटे से भी कम समय में खत्म कर दिया. उन्होंने राष्ट्र को एकता के लिए धन्यवाद दिया. बगावत को खूनखराबे में ना बदलने देने के लिए वेगनर ग्रुप की आर्मी को भी पुतिन ने धन्यवाद दिया.
येवगेनी प्रिगोझिन की प्रतिक्रिया भी आई सामने
इससे पहले प्राइवेट आर्मी के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन ने बगावत के फैसले का बचाव किया. उन्होंने कहा, वो तख्तापलट नहीं करना चाहते थे, बल्कि अपनी प्राइवेट आर्मी वैगनर को खत्म होने से बचाना चाहते थे. उन्होंने कहा, हमने अन्याय की वजह से अपना मार्च शुरू किया था. हालांकि, उन्होंने इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी कि वो इस समय कहां हैं या उनका अगला प्लान क्या है.
रक्षा मंत्री को हटाने की फिर उठाई मांग

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