
'पासपोर्ट तैयार रखें...', ईरान में कितने भारतीय रहते हैं, रेस्क्यू और इवैकुएशन की क्या तैयारियां हैं?
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ईरान में रह रहे भारतीयों को तुरंत वापस आने की एडवाइजरी जारी की गई है. उन्हें अपना पासपोर्ट तैयार रखने को कहा गया है. ऐसे में सवाल उठता है कि ईरान में आखिर कितने भारतीय रहते हैं और उन्हें कैसे वापस लाया जाएगा.
अमेरिका और ईरान के बढ़ते तनाव के बीच तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने अपने लोगों को तुरंत ईरान छोड़ने की एडवाइजी जारी की है. इस बीच ईरान में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्रा और कामकाजी प्रोफेशनल्स सुरक्षित वापस आने की तैयारी में हैं. ऐसे में जानते हैं कि वहां कितने इंडियन रह रहे हैं और उन्हें कैसे वापस लाया जाएगा.
विदेश मंत्रालय के रिकॉर्ड के मुताबिक, ईरान में कुल 10765 प्रवासी भारतीय रहते हैं. इनमें 10320 एनआरआई और 445 भारतीय मूल के हैं. इनमें से कई स्टूडेंट्स हैं और काफी लोग वहां शिक्षा, इंजीनियरिंग और कारोबार से जुड़े क्षेत्र में काम करते हैं. अधिकांश भारतीय ईरान के प्रमुख शहरों तेहरान, इस्फान और जाहेदान में रहते हैं.
अभी ईरानी हवाई क्षेत्र खुला है और वाणिज्यिक उड़ानें चल रही हैं. इसलिए सरकार वहां रह रहे लोगों को फंसा हुआ नहीं मानती है.हालांकि, तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय समुदाय को तुरंत ईरान छोड़ देने की एडवाइजरी जारी की है और लगातार वहां रह रहे लोगों की मदद के लिए उनके संपर्क में है. लोगों को अपने पासपोर्ट और यात्रा संबंधी डॉक्यूमेंट तैयार रखने को कहा गया है. साथ ही जिन भारतीय नागरिकों ने दूतावास से संपर्क नहीं किया है उन्हें एंबेसी के आधिकारिक लिंक से रजिस्ट्रेशन कराने की सलाह दी गई है.
पिछले साल ईरान और इजरायल के बीच जब तनाव के हालात बने थे. तब ऑपरेशन सिंधु (जून 2025) के तहत वहां रहने वाले भारतीयों को सकुशल वापस लाया गया था. अभी तनाव बढ़ रहा है, लेकिन ईरान का एयर स्पेस अब भी खुला है और कमर्शियल फ्लाइट भारत के लिए आ रही हैं. इसलिए भारत लौटने के इच्छुक भारतीय नागरिकों को नियमित वाणिज्यिक हवाई सेवाओं का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है.
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हाल के विरोध प्रदर्शनों के दौरान किसी भी भारतीय नागरिक के लापता या मारे जाने की कोई रिपोर्ट नहीं है. सरकार ने इससे पहले भी 5 और 14 जनवरी 2026 को यात्रा सलाह जारी की थी. इसमें ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने का आग्रह किया गया था. ईरान में मौजूद भारतीयों को वाणिज्यिक उड़ानों के माध्यम से निकलने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

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