
पाला बदलेंगे, विधानसभा भंग करेंगे या कोई और सरप्राइज? नीतीश आज दोपहर बाद ले सकते हैं गठबंधन पर बड़ा फैसला
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इंडिया ब्लॉक के अगुवाकार नीतीश कुमार की एनडीए में वापसी की चर्चा तेज हो गई है. पहले विपक्षी गठबंधन में शामिल पार्टियों के नेताओं से मतभेद की खबरें आईं. अब बिहार सरकार में महागठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी आरजेडी से नाराजगी के किस्से आम हो गए हैं. गहराते मतभेदों के बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक बार फिर NDA से हाथ मिलाने की संभावना के बीच बीजेपी नेताओं ने गुरुवार को ताबड़तोड़ बैठकें कीं.
बिहार की राजनीति में भूचाल है. जेडीयू से लेकर आरजेडी और बीजेपी खेमा अलग-अलग बैठकें कर रहा है. दिल्ली से पटना तक नेताओं की व्यस्तता है. कहा जा रहा है कि जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार महागठबंधन का साथ छोड़ने का मूड बना रहे हैं और बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए में वापसी कर सकते हैं. इसकी वजहें भी गिनाई जा रही हैं. हालांकि, आरजेडी खेमा मान-मनोव्व्ल में जुटा है. अंतिम फैसला सरप्राइजिंग नेता नीतीश कुमार को ही लेना है. आज दोपहर तक नीतीश अपना फैसला सुना सकते हैं.
दरअसल, बिहार में राजनीतिक हलचल की खबरें तो एक हफ्ते से चल रही थीं. लेकिन, जनननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती से एक दिन पहले बीजेपी ने मास्टर स्ट्रोक खेला और बिहार में सियासी उथल-पुथल शुरू हो गई. बीजेपी ने दिग्गज समाजवादी नेता कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने का ऐलान किया है. उसके बाद श्रेय लेने की राजनीति शुरू हुई और बीजेपी, आरजेडी और जेडीयू तीनों दलों के नेता आपस में भिड़ गए.
'नीतीश ने परिवारवाद पर हमला बोला तो गरमा गया माहौल'
अगले दिन जब जेडीयू ने कर्पूरी ठाकुर की 100वीं जयंती का अपना अलग कार्यक्रम रखा तो उसमें परिवारवाद पर सीधा बोला. नीतीश का कहना था कि जैसे कर्पूरी ठाकुर ने अपने परिवार को राजनीति में आगे नहीं बढ़ाया, वैसे ही हम भी अपने परिवार को राजनीति से दूर रखते हैं. जबकि कुछ लोग तो अपने परिवार को ही आगे बढ़ाने में लगे रहते हैं. नीतीश के इस हमले को खासतौर पर आरजेडी में लालू परिवार और कांग्रेस में गांधी परिवार से जोड़कर देखा गया.
'दिल्ली से लेकर पटना तक ताबड़तोड़ बैठकें'
फिर क्या था. लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने बिना नाम लिए नीतीश पर पलटवार कर दिया. रोहिणी ने सिलसिलेवार तीन ट्वीट किए और तीनों में नीतीश पर परिवार से लेकर उनके सार्वजनिक जीवन पर तंज कसा. नीतीश को जानकारी मिली तो उन्होंने तल्ख तेवर दिखाए और अपने पीआर टीम से रिपोर्ट तलब कर ली. उसके बाद से शुरू हुआ बिहार की राजनीति में हलचल का दौर. बीजेपी ने अपने प्रदेश नेतृत्व को दिल्ली तलब कर लिया. प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी, राज्यसभा सांसद सुशील मोदी और एलओपी विजय कुमार सिन्हा समेत राज्य के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से चर्चा की. उधर, पटना में मुख्यमंत्री आवास में नीतीश कुमार और पूर्व सीएम राबड़ी देवी के आवास पर लालू प्रसाद यादव ने करीबी नेताओं के साथ बैठकें की. आगे की रणनीति और सियासी भविष्य को लेकर चर्चा और मंथन शुरू कर दिया.

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पंजाब की मान सरकार की 'एकमुश्त निपटान स्कीम' को व्यापारियों का भारी समर्थन मिला है. पुराने टैक्स बकाये के जरिए अब तक सरकारी खजाने में 111.16 करोड़ रुपये आ चुके हैं. हालांकि, इस राहत का फायदा सिर्फ 31 मार्च तक ही उठाया जा सकता है. इसके बाद सरकार नरम रुख छोड़कर सख्त एक्शन लेगी और करीब 8,000 संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी.

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