
पार्टी मनाने गए अफसर का बांध में गिरा महंगा मोबाइल, पंप लगाकर बहा दिया लाखों लीटर पानी
AajTak
1.50 लाख रुपए का मोबाइल फोन ढूंढने के लिए एक फूड इंस्पेक्टर ने डैम का लाखों लीटर पानी बहा दिया. इतनी मात्रा में पानी से डेढ़ हजार एकड़ खेतों की सिंचाई की जा सकती थी. भीषण गर्मी में जब पानी के लिए ग्रामीण इलाके में त्राहिमाम मचा है तब इस तरह पानी बहाना बहुत बड़ी लापरवाही है.
Kanker News: पंखाजूर में एक फूड इंस्पेक्टर ने पानी में गिरा अपना महंगा मोबाइल निकालने के लिए बांध का लाखों लीटर पानी ही बहा दिया. एक फोन के खातिर बहाए गए पानी से डेढ़ हजार एकड़ खेतों की सिंचाई की जा सकती थी. हालांकि, अफसर का कीमती मोबाइल फोन तो मिल गया लेकिन अब खराब हो चुका है.
दरअसल, कोयलीबेड़ा ब्लॉक के एक फूड ऑफिसर रविवार को छुट्टी मनाने खेरकट्टा परलकोट जलाशय पहुंचे थे. जहां पर अफसर साहब का महंगा मोबाइल फोन खेरकट्टा परलकोट जलाशय के ओवर पुल पर लबालब 15 फीट तक भरे हुए पानी में गिर गया.
अधिकारी ने मोबाइल को ढूंढने के लिए पहले पास के गांववालों को लगाया. अच्छे-अच्छे गोताखोर उतारे. लेकिन असफलता ही हाथ लगी.
इसके बाद फोन को निकालने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों से चर्चा की गई. फिर बाकायदा 30 एचपी का पंप लगाकर जलाशय का पानी बाहर निकलवा दिया. पानी निकालने के लिए पिछले तीन दिनों से लगातार पंप चलता रहा.
हालांकि, जलाशय से लगातार पानी निकालने की बात ऊपर तक पहुंची और सिंचाई विभाग के अधिकारी दौड़े-दौड़े मौके पर पहुंचे. जहां पंप को बंद करवाया गया. इसके बाद फिर से खोजने पर मोबाइल फोन तो मिल गया था, लेकिन खराब हो चुका था.
अनुमान के मुताबिक, बीते सोमवार से गुरुवार तक लगातार 24 घंटे चले 30 हॉर्स पॉवर के दो डीजल पंपों से करीब 21 लाख लीटर पानी व्यर्थ बहा दिया गया. पानी की इतनी मात्रा डेढ़ हजार एकड़ जमीन को सींचने लायक थी.

जिस समय दुनिया में भारत में चल रही AI समिट की वाहवाही हो रही थी. दुनिया के तमाम देशों के राष्ट्रप्रमुख भारत की क्षमताओं और लीडरशिप के कायल हो रहे थे. तब कांग्रेस की यूथ विंग का 'राजनीतिक विरोध'... कुंठा और हताशा की सारी सीमाओं को पार कर गया और फिर उन्होंने जो किया, उसे शर्मनाक, फूहड़ता, निर्लज्जता और 'राजनीतिक अधोपतन' ही कहा जा सकता है. कांग्रेस की यूथ विंग के कार्यकर्ताओं ने किसी पूर्व नियोजित योजना के तहत सुरक्षा घेरा तोड़कर AI समिट में प्रवेश किया.

आज की घटना में यूथ कांग्रेस के नेताओं ने मोदी विरोध में अपने कपड़े उतारकर AI Impact Summit में भारत को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर शर्मिंदा किया. इस प्रकार के विरोध को राजनीति नहीं कहा जा सकता क्योंकि यह देश के सम्मान के खिलाफ है. युवा नेताओं की इस हरकत ने देश की छवि को प्रभावित किया है. राजनीतिक विरोध करना अपनी बात सामने रखने का तरीका होता है लेकिन इस तरह के प्रदर्शन से देश के हितों को नुकसान होता है.

यह वीडियो कांग्रेस द्वारा AI समिट में किए गए विरोध प्रदर्शन पर केंद्रित है. दिल्ली पुलिस इस मामले में जांच कर रही है और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. विपक्ष के विरोध ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या यह विरोध राजनीतिक साजिश के तहत किया गया है. इस दौरान यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे और प्रदेश की सकारात्मक विकास खबरों पर भी चर्चा की गई है. देखें खबरदार.

एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के कुछ नेताओं ने आयोजन स्थल के भीतर विरोध प्रदर्शन किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए गए और टी-शर्ट्स पर संदेश लिखे गए. समिट में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और कई वैश्विक कंपनियों के प्रमुख मौजूद थे. विरोध के समय और तरीके को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है.

'नफरत की राजनीति से सामाजिक ताना-बाना प्रभावित', कश्मीरी छात्रों पर हमलों की राहुल गांधी ने की निंदा
राहुल गांधी ने कश्मीरी छात्रों और शॉल विक्रेताओं पर बढ़ते हमलों की कड़ी निंदा की है. उन्होंने जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के संयोजक नासिर खुएहामी को पत्र लिखकर अपनी चिंता जताई. राहुल गांधी ने कहा कि नफरत की राजनीति ने देश के सामाजिक ताने-बाने को कमजोर किया है और अल्पसंख्यकों के खिलाफ उत्पीड़न बढ़ा है.

रमजान के महीने में देश के कई हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं सामने आई हैं. खासकर मध्यप्रदेश के जबलपुर, हैदराबाद और कर्नाटक के बागलकोट में हालात तनावपूर्ण रहे. जबलपुर के सिहोरा इलाके में मंदिर और मस्जिद के बीच आरती और नमाज के समय विवाद हुआ जिसने तोड़फोड़ और पथराव को जन्म दिया. पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए कार्रवाई कर रही है.

उत्तराखंड के पौड़ी जनपद के श्रीनगर में स्थित लोकप्रिय धारी देवी मंदिर के पास बहने वाली अलकनंदा नदी में बड़ा हादसा टल गया. नदी में दो बोटों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हुई जिसके कारण कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई. टक्कर के बाद एक चालक नदी में गिर गया जबकि दूसरी बोट अनियंत्रित होकर बीच धारा में घूमती रही. सौभाग्यवश चालक तैरकर सुरक्षित बाहर आ गया और बोट संचालकों की सूझबूझ से सभी सवार सुरक्षित बचा लिए गए.

ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने इस इंटरव्यू ब्रिक्स करेंसी पर विस्तार से बात की. उन्होंने कहा कि हमने यह नहीं कहा कि हम ब्रिक्स करेंसी बनाएंगे. ब्रिक्स के अंदर नई करेंसी बनाने पर कोई बहस नहीं है. लेकिन यह जरूरी नहीं है कि ब्राजील और इंडिया के बीच ट्रेड डील US डॉलर में ही हो. हम इसे अपनी करेंसी में भी कर सकते हैं.





