
'पार्टियों से पैसे लो, उससे टॉयलेट बनवाओ...', निकाय चुनाव को लेकर ओवैसी का विवादित बयान
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एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने चुनावी माहौल में पैसे बांटने की प्रथा पर तीखी टिप्पणी की. ओवैसी ने आरोप लगाया कि एआईएमआईएम के चुनावी मैदान में उतरने के बाद ही विरोधी दलों ने मतदाताओं के बीच नकदी बांटना शुरू किया.
महाराष्ट्र के लातूर में आगामी नगर निकाय चुनावों के लिए आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने चुनावी माहौल में पैसे बांटने की प्रथा पर तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि अगर राजनीतिक दल वोटरों को पैसे बांट रहे हैं तो मतदाता वह पैसा ले सकते हैं और यदि उन्हें यह अनैतिक लगता है, तो उसका इस्तेमाल शौचालय बनवाने जैसे जनहित के कामों में किया जा सकता है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक ओवैसी ने आरोप लगाया कि एआईएमआईएम के चुनावी मैदान में उतरने के बाद ही विरोधी दलों ने मतदाताओं के बीच नकदी बांटना शुरू किया. उन्होंने कहा, “अगर हम उम्मीदवार नहीं उतारते, तो पैसे बांटे ही नहीं जाते. पैसे ले लीजिए और अगर आपको लगता है कि यह गलत है, तो उससे शौचालय बनवा दीजिए.”
सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने मुसलमानों से मजबूत राजनीतिक नेतृत्व खड़ा करने की अपील की. उन्होंने कहा कि देश में हर समुदाय के पास राजनीतिक ताकत है, लेकिन अल्पसंख्यकों को आज भी वह ताकत नहीं मिल पाई है. उन्होंने कहा कि दलित और मुस्लिम समाज गरीब आबादी का बड़ा हिस्सा हैं, इसके बावजूद उनके इलाकों तक विकास नहीं पहुंचा.
केंद्र की विदेश नीति पर भी उठाए सवाल
एआईएमआईएम प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी राष्ट्रवाद की बात करती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि किसान आत्महत्या कर रहे हैं, युवा बेरोजगार हैं और सरकार केवल लव जिहाद जैसे मुद्दों पर चर्चा करती है. ओवैसी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर चुप्पी साधे रहते हैं, जो कथित तौर पर कहते हैं कि मोदी उनके कहने पर फैसले लेते हैं.
महाराष्ट्र सरकार पर भी साधा निशाना

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