
पानी पर आतिशी का अनिश्चितकालीन अनशन खत्म, PM मोदी को पत्र लिखेंगे AAP सांसद
AajTak
दिल्ली की जल मंत्री आतिशी पिछले पांच दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन पर थीं. उनकी मांग थी कि दिल्ली के 28 लाख लोगों को 623 MGD पानी दिया जाए. 100 MGD पानी लगातार कम आ रहा था इसलिए आतिशी ने अनशन किया था.
आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली सरकार में जल मंत्री आतिशी के अनिश्चितकालीन अनशन को खत्म करने का ऐलान कर दिया है. दिल्ली में पानी की मांग को लेकर पार्टी के सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखेंगे. AAP सांसद संजय सिंह ने बताया, "अनिश्चितकालीन अनशन पर विराम लगाया जा रहा है. मौसम ठीक हुआ है, बारिश हुई है, 10 MGD पानी बढ़ा है, स्तिथि बेहतर होगी. पार्टी विपक्षी दलों के साथ संसद में दिल्ली के पानी का मुद्दा उठाएगी."
दिल्ली की जलमंत्री आतिशी पिछले पांच दिनों से अनिश्चितकालीन अनशन पर थीं. आज यानी मंगलवार को आतिशी को एलएनजेपी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती करवाया गया था. उनकी मांग थी कि दिल्ली के 28 लाख लोगों को 623 MGD पानी दिया जाए. 100 MGD पानी लगातार कम आ रहा था इसलिए आतिशी ने अनशन किया था. उन्होंने हरियाणा सरकार, दिल्ली के LG और प्रधानमंत्री से दिल्ली के हक का पानी मांगा लेकिन अभी तक आतिशी की गुहार नहीं सुनी गयी.
'बीजेपी कोई विज्ञान बता दे...'
आम आदमी पार्टी ने कहा कि साल 1994 में दिल्ली के पानी का कोटा 1005 MGD तय हुआ था और आज दिल्ली की आबादी 3 करोड़ से ज्यादा है. इसके बाद भी दिल्ली का पानी का कोटा 1005 MGD है लेकिन इस पानी से भी कटौती की जा रही है. दिल्ली के लोग 3 बार से 7 सांसद जिता रहे हैं.
सांसद संजय सिंह ने कहा कि बीजेपी कोई विज्ञान बता दे कि पानी कैसे बनाया जाए, जब पानी नहीं मिलेगा तो प्रोडक्शन कैसे होगा.
उन्होंने आगे कहा कि आतिशी अन्न त्याग कर अनशन पर बैठी रही, डॉक्टर्स ने अनशन तोड़ने की सलाह दी. कल रात उनकी तबीयत बिगड़ी. LNJP हॉस्पिटल और अपोलो हॉस्पिटल में आतिशी का बल्ड सैंपल चेक कराया गया. बल्ड शुगर लेवल 36 बताया गया. डॉक्टर्स ने कहा कि हॉस्पिटल में एडमिट करना होगा, नहीं तो आतिशी का जीवन जा सकता है.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









