
पाकिस्तान से नाराज हुआ दोस्त चीन, मजबूरी में इमरान खान उठाएंगे ये कदम
AajTak
हाल ही में खबर आई थी कि पाकिस्तान में सीपीईसी (चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरीडोर) योजनाओं की धीमी गति के चलते चीनी कंपनियां काफी हताश हो चुकी हैं और पिछले तीन सालों में हुई प्रगति को लेकर चीन ने गहरा असंतोष जाहिर किया था. अब चीनी कंपनियों की चिंताओं को दूर करने के लिए पाकिस्तानी सरकार अगले कुछ दिनों में 1.4 बिलियन डॉलर्स का आंशिक भुगतान करने की कोशिश कर रही है.
हाल ही में खबर आई थी कि पाकिस्तान में सीपीईसी (चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरीडोर) योजनाओं की धीमी गति के चलते चीनी कंपनियां काफी हताश हो चुकी हैं और पिछले तीन सालों में हुई प्रगति को लेकर चीन ने गहरा असंतोष जाहिर किया था. अब चीनी कंपनियों की चिंताओं को दूर करने के लिए पाकिस्तानी सरकार अगले कुछ दिनों में 1.4 अरब डॉलर्स का आंशिक भुगतान करने की कोशिश कर रही है. पाकिस्तान की सरकार खासतौर पर स्वतंत्र बिजली उत्पादकों और अन्य प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहीं चीनी कंपनियों की आशंकाओं को दूर करने के लिए ऐसा कर रही है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे. प्रधानमंत्री की अगुवाई में US कॉन्सुलेट तक मार्च निकाला गया. जबकि डेनमार्क और यूरोप ने NATO मौजूदगी बढ़ाने का संकेत दिया है. ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने से जुड़े बयान दिए हैं, जिसके बाद लोगों की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है.

अमेरिका और ईरान में इस समय टकराव देखने को मिल रहा है. अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत दे रहा है. अमेरिका का विमानवाहक युद्धपोत अब्राहम लिंकन समुद्र के रास्ते ईरान के करीब पहुंच चुका है जिससे ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं. हालांकि, अरब देश अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. लगातार धमकियों के बावजूद ईरान पर सीधे हमले से क्यों बच रहा अमेरिका? देखें श्वेतपत्र.

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए हैं. अमेरिका का विमानवाहक युद्धपोत अब्राहम लिंकन समुद्र के रास्ते ईरान के करीब पहुंच चुका है जिससे ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं. वहीं अरब देश अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. दूसरी ओर, ईरान ने इजरायल के आठ प्रमुख शहरों पर हमले की योजना तैयार की है. इस बढ़ती तनाव की स्थिति से मध्य पूर्व में सुरक्षा खतरे और बढ़ सकते हैं.

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए ट्रंप को ईरान में हुई मौतों, नुकसान और बदनामी के लिए जिम्मेदार ठहराया और उन्हें 'अपराधी' बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान में हालिया अशांति अमेरिका की साजिश है और ट्रंप ने खुद इसमें दखल देकर प्रदर्शनकारियों को उकसाया.

व्हाइट हाउस ने गाजा को फिर से बसाने और उस पर शासन के लिए बने 'बोर्ड ऑफ पीस' के सदस्यों की लिस्ट जारी की है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बोर्ड के अध्यक्ष होंगे. जबकि विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर सदस्य होंगे. देखें दुनिया आजतक.








