
पाकिस्तान में इंटरनेट ब्रेकडाउन, सबमरीन केबल में खराबी से कम हुई नेट की स्पीड
AajTak
पाकिस्तान इन दिनों इंटरनेट ब्रेकडाउन की समस्या झेल रहा है. इंटरनेट की धीमी गति के लिए खराब सबमरीन केबल को जिम्मेदार बताया जा रहा है, और सरकार द्वारा लगाए गए फायरवॉल के दावे को खारिज कर दिया गया है, जिसको लेकर इमरान खान की पार्टी ने भी सवाल खड़े किए हैं.
पाकिस्तान इन दिनों इंटरनेट ब्रेकडाउन की समस्या से जूझ रहा है. दूरसंचार निगरानी संस्था के प्रमुख मेजर जनरल (रिटायर्ड) हफीजुर रहमान ने हाल ही में देश भर में इंटरनेट की धीमी गति के लिए सबमरीन केबल को जिम्मेदार ठहराया, और सरकार द्वारा लगाए गए फायरवॉल की वजह से इंटरनेट की स्पीड धीमी होने के दावों को खारिज कर दिया.
कई हफ्तों से आरोप लग रहे हैं कि सरकार द्वारा विपक्षी समूहों, खास तौर पर इमरान खान की पीटीआई पार्टी की आलोचना को रोकने के लिए लागू किए गए फायरवॉल की पजह से इंटरनेट की स्पीड धीमी हुई है. यह मुद्दा नेशनल असेंबली की आईटी पर स्थायी समिति की बैठक के दौरान उठाया गया, जहां रहमान को सांसदों की तरफ से इंटरनेट की स्पीड में उतार-चढ़ाव के बारे में जांच का सामना करना पड़ा.
वेब प्रबंधन सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा
रहमान ने कहा कि समस्या खराब सबमरीन केबल से जुड़ी थी, जिसकी मरम्मत 28 अगस्त तक पूरी होने की उम्मीद है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार अपने वेब प्रबंधन सिस्टम को अपग्रेड कर रही है, फायरवॉल को लागू नहीं कर रही है, और इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के अपग्रेड से इंटरनेट की गति धीमी नहीं होनी चाहिए.
300 मिलियन का हुआ नुकसान
संस्थान के प्रमुख ने यह भी कहा कि गड़बड़ी की वजह से देश की दूरसंचार क्षेत्र को 300 मिलियन पाकिस्तानी रुपये का नुकसान हुआ है. पीटीआई प्रमुख गौहर अली खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिबंध के बारे में सवाल पूछा, लेकिन रहमान ने इस मामले पर कोई अन्य जानकारी नहीं दी. उन्होंने पुष्टि की कि पाकिस्तान में वीपीएन को ब्लॉक नहीं किया जा रहा है.

कराची के गुल प्लाजा शॉपिंग मॉल में शनिवार रात लगी भीषण आग पर रविवार रात 10 बजे के बाद काबू पा लिया गया है. सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह ने इस दुखद घटना में एक दमकलकर्मी सहित 6 लोगों की मौत की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्य के बीच 50 से 60 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है.

दुनिया में युद्ध का शोर बढ़ रहा है और शांति कमजोर पड़ रही है. अमेरिका ईरान को लेकर सख्त है जबकि ग्रीनलैंड को लेकर अपनी ताकत दिखा रहा है. रूस और यूक्रेन की जंग सालों से जारी है और यूरोप में न्यूक्लियर खतरे की बातें हो रही हैं. एशिया में इस्लामिक नाटो का गठन हो रहा है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन सकता है. ग्रीनलैंड की भू-राजनीति अब वैश्विक शक्ति संघर्ष का केंद्र बन चुकी है जहां अमेरिका, चीन और रूस अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. भारत सहित पूरे विश्व पर इन घटनाओं का गहरा प्रभाव पड़ रहा है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप के आठ देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की है. ये देश ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्जे की धमकी का विरोध कर रहे हैं. अमेरिका और यूरोप के बीच ग्रीनलैंड को लेकर तनाव बढ़ गया है. मिनियापोलिस में अमेरिकी एजेंट की गोलीबारी के बाद प्रदर्शन जोर पकड़ रहे हैं. सीरिया में अमेरिकी सेना की कार्रवाई में एक प्रमुख आतंकवादी मारा गया. ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका को देश में फैली अशांति का जिम्मेदार बताया. ट्रंप का गाजा पीस प्लान दूसरे चरण में पहुंचा है। जेपी मॉर्गन के सीईओ ने कहा कि उन्हें फेडरल रिजर्व चेयर बनने का कोई प्रस्ताव नहीं मिला. वेनेजुएला में अमेरिकी सैनिकों पर हमले के खिलाफ क्यूबा में बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ.

पूर्वी चीन के जिआंगसू प्रांत के लियानयुंगांग में शुवेई न्यूक्लियर पावर प्लांट के निर्माण की शुरुआत हो गई है, जो चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत पहली परमाणु परियोजना है. यह दुनिया की पहली परियोजना है जिसमें हुआलोंग वन और हाई टेम्परेचर गैस कूल्ड रिएक्टर को एक साथ जोड़ा गया है, जिससे बिजली के साथ हाई-क्वालिटी स्टीम भी तैयार होगी.









