
पाकिस्तान ने सऊदी अरब से ऐसा क्या ले लिया जो कहा जा रहा- शर्म करो
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सऊदी अरब ने आर्थिक मोर्चे पर जूझ रहे पाकिस्तान को कई तरह की मदद मुहैया कराने की बात कही है. इसी क्रम में सऊदी ने पाकिस्तान को चावल के 19,032 बोरे भी दिए हैं. लेकिन सऊदी से मिले इस जकात को लेकर पाकिस्तान में बहस छिड़ गई है
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान तीन दिन 7 से 9 मई तक सऊदी अरब की यात्रा पर रहे. इस दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए. सऊदी अरब ने आर्थिक मोर्चे पर जूझ रहे पाकिस्तान को कई तरह की मदद मुहैया कराने की बात कही है. इसी क्रम में सऊदी ने पाकिस्तान को चावल के 19,032 बोरे भी दिए हैं. लेकिन सऊदी से मिली इस जकात को लेकर पाकिस्तान में बहस छिड़ गई है और इमरान खान सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए जाने लगे हैं. (फोटो-Getty Images) फिलहाल, सऊदी अरब की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन-सलमान की तरफ से दिए जाने वाली इस जकात से पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह और पंजाब के 1,14,192 लोगों को मदद मिलेगी. इस चावल को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह और पंजाब के लोगों में बांटा जाएगा. (फोटो-Getty Images)
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.








