
पाकिस्तान जाने के लिए तैयार था सचिन, इस वजह से सीमा ने कर दिया इनकार
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सीमा हैदर से सीमा ठाकुर बनीं पाकिस्तानी महिला ने बताया कि पहले वो नहीं, बल्कि सचिन उनके लिए पाकिस्तान आ रहा था. लेकिन उन्होंने सचिन को पाकिस्तान आने से मना कर दिया. फिर वो खुद सचिन के लिए भारत आ गईं. इसके पीछे की वजह सीमा ने 'आजतक' को बताई.
सीमा और सचिन की लव स्टोरी... देश में इन दिनों बस इसी लव स्टोरी की चर्चा है. चार बच्चों की मां सीमा हैदर पाकिस्तान से भागकर अपने हिंदुस्तानी प्रेमी सचिन के पास आ तो गईं. लेकिन अभी भी इस बात पर फैसला आना बाकी है कि उन्हें भारत में ही रहने दिया जाता है या फिर पाकिस्तान वापस भेज दिया जाएगा. 'आजतक' से बातचीत में सीमा ने बताया कि वो पाकिस्तान गईं तो उन्हें मार डाला जाएगा. इसके अलावा उन्होंने बताया कि पहले वो भारत नहीं, बल्कि सचिन पाकिस्तान आने वाला था.
सीमा ने बताया, ''सचिन मेरे लिए पाकिस्तान आने के लिए तैयार था. लेकिन मैंने ही उसे मना कर दिया. क्योंकि मैं जानती थी कि उसके साथ वहां क्या होगा. सचिन हिंदू है और उसके हाथ में 'ॐ' का टैटू भी है. अगर किसी को भी वहां पता चलता कि एक हिंदुस्तानी मेरे लिए पाकिस्तान आया है तो उसका अंजाम बहुत बुरा होता. इसलिए मैंने सचिन को पाकिस्तान आने से मना कर दिया.''
उन्होंने बताया कि सचिन की सलामती के लिए ही मैंने फैसला किया कि मैं खुद भारत जाऊंगी. सीमा ने कहा, ''मैं भारत में आई तो मुझे लोगों का बहुत प्यार मिला. लेकिन अगर सचिन पाकिस्तान आता तो शायद उसके साथ बहुत बुरा सलूक किया जाता. शायद कभी सचिन दिखते भी नहीं.''
सचिन ने बताया कि मैं पूरी तैयारी में था कि सीमा के लिए पाकिस्तान जाऊं. लेकिन सीमा ने ही मुझे वहां आने से इनकार कर दिया. फिर वही मेरे लिए भारत आ गई. सचिन ने कहा कि बेशक हमारी लव स्टोरी की चर्चा हर जगह है. लेकिन हमें लाइमलाइट की जरूरत नहीं है. बस मुझे मेरे प्यार से मतलब है. मैं चाहता हूं कि हम पूरी जिंदगी साथ रहें.
सीमा ने कहा कि वो तो बस सचिन का प्यार था, जो मैं यहां चली आई. मैं वहां वैसे भी अकेली रहती थी. सीमा ने अपने पति गुलाम हैदर को लेकर कहा कि मेरे पति इतने अच्छे नहीं थे, जितने अच्छे बन रहे हैं. इतने अच्छे बिल्कुल नहीं थे. आप लोग उनकी बात पर ध्यान न दें. सीमा का कहना है कि लोग कहते हैं कि मैं अंग्रेजी बोल लेती हूं, या इतनी जल्दी यहां के माहौल में कैसे ढल गई, तो मैं कहती हूं कि मैं कोई बच्ची नहीं हूं. 27 साल की हूं, चार बच्चे पैदा किए हैं. अच्छा-गलत क्या है, सब समझती हूं.
'मैं मुसलमान से बन गई हूं हिंदू'

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