
पाकिस्तान को दिए आपके हथियार पिट कैसे गए? जवाब नहीं दे पाए चीनी डिफेंस प्रवक्ता, लगे डिप्लोमेसी पर 'ज्ञान' देने!
AajTak
चीन में बना PL-15E मिसाइल, जिससे पाकिस्तान ने भारत पर इस्तेमाल किया था, फटा ही नहीं. चीन के रक्षा मंत्रालय से जब इस पर सवाल पूछा गया तो वे कोई उत्तर नहीं दे पाए और पत्रकारों को डिप्लोमेसी समझाने लगे. चीन का दावा है कि यह मिसाइल सक्रिय रडार-निर्देशित है, जिसमें डुअल-पल्स सॉलिड-प्रोपेलेंट रॉकेट मोटर है, जो इसे Mach 5 से अधिक गति और 145 किमी तक की रेंज देता है.
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने चीन से मिले हथियारों, मिसाइलों का भारत के खिलाफ इस्तेमाल किया. इनमें से कुछ मिसाइल तो टारगेट पर पहुंचकर फुस्स हो गए और फटे ही नहीं. चीन का PL-15E रडार संचालित बियॉन्ड विजुअल रेंज मिसाइल ऐसा ही एक हथियार है.
भारत की सेना ने इस मिसाइल को अपने हवाले कर लिया है. लेकिन अंतरराष्ट्रीय संबंधों में ईर्ष्यालु पड़ोसी की भावना रखने वाले चीन को ये बात हजम ही नहीं हो रही है कि उसका कथित तौर पर सुपर ब्रांड का मिसाइल नाकाम रहा है.
चीन की सेना से जब भारत पाकिस्तान के बीच हालिया लड़ाई के दौरान चीनी हथियारों के परफॉर्मेंस पर सवाल पूछा गया तो वे बंगले झांकने लगे. चीनी की प्रवक्ता की घिग्घी बंधने लगी. उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया. उन्हें कुछ नहीं सूझा तो वे डिप्लोमेसी पर ज्ञान देने लगे. बता दें कि इस टकराव के बाद 20 दिन गुजर चुके हैं, लेकिन चीन को कोई उत्तर देते नहीं बन रहा है.
चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सीनियर कर्नल झांग जियाओगांग से पत्रकारों ने उस PL-15E मिसाइल के बारे में सवाल पूछा जिसे चीन अपना सबसे एडवांस रॉकेट बताता है. लेकिन इस एडवांस रॉकेट का इस्तेमाल जब पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ किया तो ये फटा ही नहीं. भारतीय अधिकारियों ने एक पूरा साबूत PL-15E मिसाइल बरामद किया. 9 मई 2025 को ये मिसाइल पंजाब के होशियारपुर में मिला था. इस मिसाइल से पाकिस्तान ने भारत पर हमला किया था. इस मिसाइल पर जब चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सीनियर कर्नल झांग जियाओगांग से सवाल पूछा गया तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा, "आपने जिस मिसाइल का उल्लेख किया है, वह एक निर्यात किया जाने वाला हथियार है और इसे कई बार देश-विदेश में रक्षा प्रदर्शनियों में प्रदर्शित किया जा चुका है."
कर्नल झांग ये नहीं बता पाए कि उनके देश का सबसे प्रीमियम प्रोजेक्ट रियल वार सिचुएशन में फटा ही क्यों नहीं.
PL-15E पर चीन के दावे जान लीजिए

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









