
'पाकिस्तान को चुनो या तहरीक-ए-तालिबान को', अफगान सरकार से बोले आसिम मुनीर
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आसिम मुनीर ने अफगानिस्तान के तालिबानी शासन से पाकिस्तान और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) में से किसी एक को चुनने को कहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में घुसपैठ करने वाले करीब 70 प्रतिशत आतंकी अफगान नागरिक हैं.
पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार से यह चुनाव करने के लिए कहा है कि उसे इस्लामाबाद के साथ अच्छे संबंध चाहिए या तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के साथ. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मुनीर ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में घुसपैठ कर हमले करने वाले अधिकांश आतंकी अफगान नागरिक हैं.
मुनीर ने उपरोक्त टिप्पणी 10 दिसंबर को इस्लामाबाद में आयोजित नेशनल उलेमा कॉन्फ्रेंस में अपने संबोधन के दौरान की थी. हालांकि उनका पूरा भाषण जारी नहीं किया गया बल्कि इसके अंश रविवार को स्थानीय टीवी चैनलों पर प्रसारित किए गए. आसिम मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद का दंश झेल रहा है. TTP के जिन गुटों के आतंकी पाकिस्तान में घुसपैठ करते हैं, उनमें करीब 70 प्रतिशत अफगान नागरिक हैं.
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पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. इस्लामाबाद का आरोप है कि अफगान तालिबान अपने क्षेत्र से सक्रिय आतंकी संगठनों, खासकर TTP, पर लगाम लगाने में विफल रहा है. पाकिस्तान का कहना है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के आतंकी डूरंड लाइन पार कर हमले करते हैं, जबकि काबुल इन आरोपों से इनकार करता रहा है. अपने संबोधन में मुनीर ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार से यह तय करने को कहा कि वह पाकिस्तान के साथ है या टीटीपी के साथ.
मुनीर ने धार्मिक अधिकार के मुद्दे पर भी बात की और जोर दिया कि जिहाद का ऐलान कोई व्यक्ति या नॉन-स्टेट (गैर सरकारी) संगठन नहीं कर सकता. उनके अनुसार, इस्लामी व्यवस्था में केवल स्टेट को ही जिहाद का आह्वान करने का अधिकार है. भारत के संदर्भ में आसिम मुनीर ने दावा किया कि मई में हुए सैन्य टकराव के दौरान पाकिस्तान को 'दैवीय सहायता' मिली थी. गौरतलब है कि 7 मई को भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत कार्रवाई की थी, जिसके बाद दोनों देशों के बीच चार दिनों तक सैन्य टकराव चला था.

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