
पाकिस्तान के जरिए J-K के अहम प्रोजक्ट्स की जानकारी जुटा रहा चीन, चिनाब ब्रिज में है खास रूचि
AajTak
जम्मू कश्मीर में रामबन जिले के संगलदान और जम्मू कश्मीर के रियासी के बीच चिनाब नदी पर बना यह ब्रिज विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज है. इसे लेकर चीन खासी रूचि जुटा रहा है. ख़ुफ़िया अलर्ट में इसे लेकर साफ तौर पर लिखा गया है.
पाकिस्तान और चीन की इंटेलिजेंस एजेंसियां जम्मू कश्मीर के कई अहम परियोजनाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटा रही हैं. आजतक को मिली जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी चीन की एजेंसी के इशारे पर, विशेष तौर पर जम्मू कश्मीर के चिनाब ब्रिज (Chenab Bridge) की पूरी जानकारी जुटा रही है.
जम्मू कश्मीर में रामबन जिले के संगलदान और जम्मू कश्मीर के रियासी के बीच चिनाब नदी पर बना यह ब्रिज विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज है. इसे लेकर चीन खासी रूचि जुटा रहा है. ख़ुफ़िया अलर्ट में साफ लिखा गया है की चिनाब रेलवे ब्रिज जो रियासी और रामबन को कनेक्ट करता है, उसकी महत्वपूर्ण जानकारी पाकिस्तान और चीन की इंटेलिजेंस एजेंसियों ने जुटाई है.
यह भी पढ़ें: एफिल टावर से भी ऊंचा है ये रेलवे पुल, देखें चिनाब ब्रिज की खूबसूरत तस्वीरें
जून में ही हुआ था चिनाब ब्रिज का ट्रायल
दुनिया के सबसे ऊंचे आर्च ब्रिज पर इसी साल 20 जून को ट्रेन का ट्रायल रन हुआ था. इस प्रोजक्ट के इस साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है. यह ब्रिज सुरक्षा और देश के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस रेलवे ब्रिज के जरिये भारत के लगभग हर राज्य को जम्मू कश्मीर से कनेन्ट किया जा सकेगा. चीनी इंटेलिजेंस एजेंसी का पाकिस्तान खुफिया एजेंसियों के साथ नाम सामने आना जाहिर तौर पर काफी गम्भीर औऱ संवेदनशील मामला हो जाता है.
भूकंप और ब्लास्ट को झेलने की भी क्षमता दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज जम्मू-कश्मीर के चिनाब नदी पर बना है. 'चिनाब ब्रिज' नाम से मशहूर यह पुल रेल यातायात के लिए जल्द चालू हो सकता है. बता दें, इस ब्रिज को स्ट्रक्चरल स्टील से बनाया गया है.ये माइनस 10 डिग्री सेल्सियस से 40 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान को झेल सकता है. मतलब जम्मू-कश्मीर के मौसम का इस ब्रिज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और ब्रिज बिना किसी कठिनाई के चलता रहेगा. इसी के साथ, ये रेलवे पुल भूकंप और ब्लास्ट को झेलने की भी क्षमता रखता है.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.








