
पाकिस्तान की निकली हेकड़ी, इशाक डार बोले- युद्ध दूर की बात, सिंधु के पानी पर लगाने लगे गुहार
AajTak
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान पानी सहित विभिन्न मुद्दों पर भारत के साथ व्यापक बातचीत चाहता है जबकि भारत सिर्फ आतंकवाद पर फोकस करना चाहता है. ऐसे नहीं होता. हमसे ज्यादा गंभीर कोई नहीं है. इसके लिए दोनों देश जिम्मेदार है.
भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद स्थिति सामान्य होने के बावजूद तनावपूर्ण बनी हुई है. इस बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार का कहना है कि दोनों देशों की जो मौजूदा स्थिति है, उसमें दोबारा सैन्य संघर्ष शुरू होने की आशंका बेहद है.
डार ने इस्लामाबाद में न्यूज कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि वह भारत के साथ बातचीत करना चाहते हैं. इसके लिए वह तैयार भी हैं लेकिन वह बातचीत के लिए बेताब नहीं हैं. उन्होंने कहा कि जब भी वे (भारत) बातचीत के लिए कहते है, फिर चाहे यह किसी भी स्तर पर हो. हम तैयार हैं लेकिन हम इसके लिए आतुर नहीं हैं.
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पानी सहित विभिन्न मुद्दों पर भारत के साथ व्यापक बातचीत चाहता है जबकि भारत सिर्फ आतंकवाद पर फोकस करना चाहता है. ऐसे नहीं होता. हमसे ज्यादा गंभीर कोई नहीं है. इसके लिए दोनों देश जिम्मेदार है.
भारत के साथ नए सिरे से संघर्ष छिड़ने की आशंकाओं के बारे में पूछे जाने पर डार ने कहा कि वह भविष्य का अंदाजा तो नहीं लगा सकते, लेकिन ऐसी किसी भी स्थिति की संभावना बेहद कम है. संघर्षविराम बरकरार है और दोनों पक्षों ने सैनिकों की वापसी से जुड़े सभी कदमों पर अमल किया है. ऐसे में मेरी राय में नए सिरे से संघर्ष होने की आशंका नहीं है.
बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्ते रसातल तक पहुंचे हैं. भारत सरकार ने पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार ठहराया है. 7 मई को सरकार ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी शिविरों को निशाना बनाया, जिसके बाद पाकिस्तान ने संघर्ष को और बढ़ा दिया. इसके बाद पाकिस्तान ने भारत के कई शहरों में ड्रोन और मिसाइलों से सैन्य और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया है. लेकिन 10 मई को अचानक सीजफायर का ऐलान कर दिया गया.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









