
पाकिस्तान: इमरान खान को झटका, पंजाब के CM की कुर्सी बचाने में कामयाब हो गए शहबाज शरीफ के बेटे
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पंजाब की 368 सदस्यीय विधानसभा में हमजा की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) को 179 वोट मिले. जबकि इलाही को 176 वोट मिले. पीएमलक्यू के प्रमुख चौधरी शुजात हुसैन ने पत्र लिखकर अपने सदस्यों को इलाही को वोट न करने की अपील की.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को बड़ा झटका लगा है. प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ के बेटे हमजा शहबाज बहुमत न होने के बाद भी पंजाब का मुख्यमंत्री बने रहने में कामयाब हो गए हैं.
दरअसल, पंजाब के डिप्टी स्पीकर दोस्त मोहम्मद मजारी ने इमरान खान पार्टी PML-Q के उम्मीदवार चौधरी परवेज इलाही के 10 वोटों को 'तकनीकी आधार' पर खारिज कर दिया, जिसके बाद हमजा शहबाज पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री पद को मामूली अंतर से बनाए रखने में कामयाब हो गए.
शुक्रवार को पंजाब के सदन का सत्र तीन घंटे की देरी से शुरू हुआ. सत्र की अध्यक्षता करने वाले डिप्टी स्पीकर मजारी ने संविधान के अनुच्छे 63-ए का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान मुस्लिम लीग-क्यू के 10 वोटों को खारिज कर दिया. इसके बाद हमजा को चुनाव में विजयी घोषित कर दिया गया.
पंजाब की 368 सदस्यीय विधानसभा में हमजा की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) को 179 वोट मिले. जबकि इलाही की पार्टी को 176 वोट मिले. इलाही की पार्टी के प्रमुख चौधरी शुजात हुसैन ने एक पत्र जारी किया. पत्र जारी होने के बाद इलाही की पार्टी के 10 वोटों की गिनती नहीं की गई.
डिप्टी स्पीकर मजारी ने कहा कि पीएमएल-क्यू के 10 वोटों को खारिज करने का फैसला किया गया है, क्योंकि पार्टी के प्रमुख चौधरी शुजात हुसैन ने मुझे एक पत्र लिखा है, जिसमें घोषणा की गई है कि उनकी पार्टी के सदस्यों को पीटीआई-पीएमएलक्यू के उम्मीदवार को वोट नहीं देना चाहिए. डिप्टी सीपकर ने कहा कि मैंने शुजात से फोन पर बात की थी और उन्होंने पुष्टि की कि यह उनका ही पत्र है.
डिप्टी स्पीकर के फैसले के बाद पीटीआई-पीएमएलक्यू के सदस्यों ने इसका विरोध किया. मजारी के पीएमएल-क्यू सदस्यों के 10 वोटों की गिनती न करने के बाद हमजा पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में अपना पद बरकरार रखने में कामयाब हो गए. वहीं, इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने कहा कि वह फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देगी.

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