
पाकिस्तान: इमरान खान और शहबाज शरीफ की लड़ाई में आया PM मोदी का नाम, कह दी ये बड़ी बात
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर हमले को लेकर पीटीआई पार्टी लगातार सत्ताधारी शहबाज शरीफ सरकार पर हमलावर है. अब पीटीआई नेता फवाद चौधरी ने कहा है कि वजीराबाद की घटना को संज्ञान में नहीं लिया गया है, क्योंकि देश में कानून का राज ही नहीं है.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई चीफ इमरान खान पर पंजाब प्रांत के वजीराबाद में हुए हमले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है. पीटीआई नेता चौधरी फवाद चौधरी ने कहा है कि वजीराबाद की घटना को संज्ञान में नहीं लिया गया, क्योंकि देश में कानून का शासन ही नहीं है. फवाद चौधरी ने आगे कहा कि कुछ ताकतवर समूहों ने देश की राजनीतिक और न्यायिक व्यवस्था को बंधक बनाया हुआ है, इसी वजह से जब भी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि उन्हें समझ नहीं आता कि पाकिस्तान में किस से बात की जाए, तो कोई जवाब नहीं दिया जाता है.
गौरतलब है कि पाकिस्तान के पंजाब में इमरान खान की रैली के दौरान फायरिंग हुई थी, जिसमें खुद पीटीआई अध्यक्ष भी गोली लगने से घायल हो गए थे. इमरान खान पर फायरिंग करने वाले आरोपी को घटना के दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया था. आरोपी ने कहा था कि वह इमरान खान को मारने के लिए ही आया था और गोलियां चलाई थी.
इमरान खान पर हमले के बाद पीटीआई ने शहबाज शरीफ सरकार को घेरना शुरू कर दिया. देशभर में पीटीआई कार्यकर्ताओं और नेताओं ने प्रदर्शन भी किया. इस मामले में पुलिस एफआईआर में हो रही देरी को लेकर भी पीटीआई पार्टी लगातार अपना विरोध जता रही थी.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज
इमरान खान पर हमले के मामले में पंजाब पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. यह केस सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज किया गया है. हालांकि, इमरान खान की पार्टी ने इस एफआईआर को सिरे से खारिज कर दिया है. पीटीआई नेताओं ने इस एफआईआर को सुप्रीम कोर्ट के आदेश और कानून के नाम पर किया गया मजाक बताया है.
पीटीआई नेता फवाद चौधरी ने कहा है कि अगर इस एफआईआर में इमरान खान के बताए तीन आरोपियों के नाम नहीं हैं तो यह महज कागज के एक टुकड़े के अलावा कुछ नहीं है. फवाद चौधरी ने कहा कि पीटीआई इस एफआईआर को तभी मानेगी, जब इसमें हमले में शामिल तीन उच्च अधिकारियों का नाम दर्ज होगा.

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