
पाकिस्तानी मीडिया ने की पीएम मोदी की जमकर तारीफ, कहा- भले नफरत करें लेकिन...
AajTak
पाकिस्तान के एक बड़े अखबार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है. अखबार ने लिखा है कि मोदी के नेतृत्व में भारत का सिर विदेशों में ऊंचा हुआ है. विदेश नीति मजबूत हुई है और अर्थव्यवस्था में भी तेजी आई है. अखबार ने भारत की कृषि की भी तारीफ की है.
पाकिस्तान के एक प्रमुख अखबार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर प्रशंसा की है. अखबार ने कहा है कि नरेंद्र मोदी को भले ही पाकिस्तान में नफरत की नजर से देखा जाता हो, लेकिन उन्होंने भारत को एक ब्रांड बना दिया है, जो उनसे पहले कोई न कर सका. मोदी ने भारत को उस राह पर लाकर खड़ा किया है जहां से भारत का प्रभाव व्यापक रूप से बढ़ा है. मोदी के नेतृत्व में वैश्विक मंच पर भारत का कद बढ़ा है. भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रगति की भी पाकिस्तानी अखबार ने तारीफ की है.
पाकिस्तान के प्रमुख अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने अपने एक ओपिनिय लेख में लिखा, 'पीएम मोदी ने भारत को एक ऐसे मुकाम पर लाकर खड़ा किया है जहां से देश का प्रभाव व्यापक रूप से बढ़ना शुरू हुआ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति कुशलतापूर्वक चल रही है और इसकी जीडीपी बढ़कर तीन ट्रिलियन डॉलर की हो गई है.'
भारतीय विदेश की खूब तारीफ
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की उल्लेखनीय प्रगति का जिक्र करते हुए विश्लेषक शहजाद चौधरी ने कहा कि भारत निवेशकों के लिए एक पसंदीदा स्थान बनकर उभरा है. शहजाद चौधरी प्रसिद्ध राजनीतिक, सुरक्षा और रक्षा विश्लेषक हैं. उन्होंने अपने लेख में लिखा कि भारत ने पीएम मोदी की अध्यक्षता में विदेश नीति के मोर्चे पर अपना खुद का डोमेन स्थापित किया है.
पाकिस्तान की खस्ता हालत को बयान करते हुए शहजाद चौधरी लिखते हैं कि भारत अपनी विदेश नीति के सहारे विश्व पटल पर तेजी से उभर रहा है, अमेरिका के साथ अपने बेहतर संबंधों का लाभ ले रहा है लेकिन पाकिस्तान के लोग बस कोसने में लगे हैं.
रूस पर यूक्रेन में युद्ध को लेकर कड़े प्रतिबंधों के बावजूद भी भारत द्वारा उससे रियायती दरों पर तेल खरीदने को चौधरी भारतीय विदेश नीति की जीत मानते हैं. वह लिखते हैं, 'रूस पर अमेरिकी प्रतिबंध लगे हैं और भारत को छोड़कर कोई उससे स्वतंत्र रूप से व्यापार नहीं कर पा रहा. भारत अपनी शर्तों पर रूस से तेल खरीद रहा है और विदेशों में उसे बेचकर डॉलर भी कमा रहा है. दुनिया की दो विरोधी सैन्य महाशक्तियां (अमेरिका और रूस) भारत को अपना सहयोगी होने का दावा करती हैं. क्या यह कूटनीतिक तख्तापलट नहीं है?'

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप के आठ देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की है. ये देश ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्जे की धमकी का विरोध कर रहे हैं. अमेरिका और यूरोप के बीच ग्रीनलैंड को लेकर तनाव बढ़ गया है. मिनियापोलिस में अमेरिकी एजेंट की गोलीबारी के बाद प्रदर्शन जोर पकड़ रहे हैं. सीरिया में अमेरिकी सेना की कार्रवाई में एक प्रमुख आतंकवादी मारा गया. ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका को देश में फैली अशांति का जिम्मेदार बताया. ट्रंप का गाजा पीस प्लान दूसरे चरण में पहुंचा है। जेपी मॉर्गन के सीईओ ने कहा कि उन्हें फेडरल रिजर्व चेयर बनने का कोई प्रस्ताव नहीं मिला. वेनेजुएला में अमेरिकी सैनिकों पर हमले के खिलाफ क्यूबा में बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ.

पूर्वी चीन के जिआंगसू प्रांत के लियानयुंगांग में शुवेई न्यूक्लियर पावर प्लांट के निर्माण की शुरुआत हो गई है, जो चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत पहली परमाणु परियोजना है. यह दुनिया की पहली परियोजना है जिसमें हुआलोंग वन और हाई टेम्परेचर गैस कूल्ड रिएक्टर को एक साथ जोड़ा गया है, जिससे बिजली के साथ हाई-क्वालिटी स्टीम भी तैयार होगी.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के दबाव के खिलाफ डेनमार्क के कई शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें कोपेनहेगन में अमेरिकी दूतावास तक मार्च भी शामिल रहा. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड मुद्दे पर दबाव बढ़ाते हुए डेनमार्क समेत आठ यूरोपीय देशों से आने वाले सामान पर 1 फरवरी से 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है.

यूक्रेन पर रूस ने एक ही रात में 200 से अधिक स्ट्राइक ड्रोन दागकर भीषण हमला किया है. इस हमले में सुमी, खार्किव, नीप्रो और ओडेसा सहित कई इलाके निशाने पर रहे, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हुए हैं. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इन हमलों के बीच देश की आंतरिक मजबूती और मरम्मत दलों के काम की सराहना की है.

गाजा पुनर्विकास के लिए ट्रंप की शांति योजना के तहत 'बोर्ड ऑफ पीस' के सदस्यों का ऐलान कर दिया गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद उसके अध्यक्ष होंगे. इधर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भी उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा संघर्ष समाप्त करने की व्यापक योजना के तहत गाजा के पुनर्विकास के लिए 'बोर्ड ऑफ पीस' में नामित किया गया है. देखें अमेरिकी से जुड़ी बड़ी खबरें.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे. प्रधानमंत्री की अगुवाई में US कॉन्सुलेट तक मार्च निकाला गया. जबकि डेनमार्क और यूरोप ने NATO मौजूदगी बढ़ाने का संकेत दिया है. ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने से जुड़े बयान दिए हैं, जिसके बाद लोगों की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है.







