
पहले सत्ता से किया बेदखल, फिर देश से निकाला, अब चुनाव भी नहीं लड़ पाएगी शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग
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बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार ने शनिवार को कहा कि शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को चुनाव में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी. जबकि छात्र नेता महफूज आलम ने कहा कि चुनाव केवल बांग्लादेश समर्थक ग्रुप के बीच लड़ा जाएगा.
बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. अब मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग के देश में चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध दिया गया है.
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार ने शनिवार को कहा कि शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को चुनाव में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी. जबकि आंदोलन के शीर्ष नेता महफूज आलम ने कहा कि चुनाव केवल बांग्लादेश समर्थक ग्रुप के बीच लड़ा जाएगा.
मध्य चांदपुर जिले में एक सड़क रैली को संबोधित करते हुए आलम ने कहा कि केवल पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी), जमात-ए-इस्लाम और अन्य "बांग्लादेश समर्थक" समूह ही देश में अपनी राजनीति जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि इनमें से कोई भी "निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया के माध्यम से भविष्य का शासन स्थापित करेगा."
मुख्य सलाहकार यूनुस के प्रशासन में बिना विभाग के मंत्री आलम ने कहा, "लेकिन इस देश में अवामी लीग के पुनर्वास की अनुमति नहीं दी जाएगी."
'न्यूनतम सुधार के बाद होंगे चुनाव'
आलम ने कहा कि जब तक "न्यूनतम सुधार" लागू नहीं किए जाते और "फासीवादी हसीना सरकार" द्वारा कथित तौर पर नष्ट की गई संस्थाओं का पुनर्गठन नहीं किया जाता तब तक कोई चुनाव नहीं होगा.

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