
पहले मिसाइल, अब लैंडमाइन देगा अमेरिका... क्या जाते-जाते यूक्रेन में और जंग भड़का देंगे बाइडेन?
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यूक्रेन युद्ध को 1000 दिन हो चुके हैं और इस दौरान वहां से लाखों लोग विस्थापित होकर देश छोड़ चुके है. ये लोग यूक्रेन के सभी पड़ोसी देशों में पलायन कर गए हैं जिसमें मोल्दोवा, स्लोवाकिया, इटली, पोलैंड, जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन शामिल हैं. इस तरह पिछले ढाई सालों में यूक्रेन के लोग पूरे यूरोप में विस्थापित हो चुके हैं.
रूस और यूक्रेन युद्ध को 1000 दिन पूरे हो गए हैं. लेकिन इस बीच न्यूक्लियर अटैक का खतरा भी मंडराने लगा है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के एक फैसले से भड़के रूसी राष्ट्रपति पुतिन भड़के हुए हैं. पुतिन का आरोप है कि अमेरिका उन्हें भड़काने के लिए यूक्रेन को हर हथियार देने पर तुला है.
युद्ध की वजह से यूक्रेन तबाह हो चुका है लेकिन फिर भी अमेरिका और सहयोगी देश उसे रूस के खिलाफ लगातार लड़ने के लिए सैन्य साजो सामान दे रहे हैं. बाइडेन को तकरीबन 60 दिन व्हाइट हाउस में और रहना है. लेकिन वो यूक्रेन युद्ध को भड़काने के लिए एक के बाद एक कदम उठा रहे हैं. अमेरिकी रक्षा मंत्री का कहना है कि बाइडेन सरकार यूक्रेन को रूस के साथ युद्ध में एंटीपर्सनल लैंड माइंस के इस्तेमाल की अनुमति देगी.
यूक्रेन युद्ध को 1000 दिन हो चुके हैं और इस दौरान वहां से लाखों लोग विस्थापित होकर देश छोड़ चुके है. ये लोग यूक्रेन के सभी पड़ोसी देशों में पलायन कर गए हैं जिसमें मोल्दोवा, स्लोवाकिया, इटली, पोलैंड, जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन शामिल हैं. इस तरह पिछले ढाई सालों में यूक्रेन के लोग पूरे यूरोप में विस्थापित हो चुके हैं.
एक तरफ यूक्रेन के लोग देश छोड़कर जा रहे हैं तो वहीं अमेरिका और उसके सहयोगी देश युद्ध की आग भड़काने के लिए आर्थिक और सैन्य मदद देकर घी डालने का काम कर रहे हैं.
युद्ध की त्रासदी से त्रस्त यूक्रेन
युद्ध की वजह से यूक्रेन में गरीबी बढ़ गई है. महंगाई में भी इजाफा हुआ है. 13 लाख करोड़ रुपये की इमारतें ध्वस्त हो चुकी हैं. एक तिहाई जमीन पर बारूदी सुरंग बिछी हुई है और बेरोजगारी से बुरा हाल है.

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