
पहली बार दोनों डिप्टी के साथ दिल्ली दरबार में CM योगी की हाजिरी, क्या हैं इसके मायने?
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Yogi 2.0: अलग-अलग मुलाकातों के बाद बीजेपी हाईकमान ने सबको एक साथ बुलाया और यह संदेश छोड़ा कि उत्तर प्रदेश में अब एक ही टीम है जो काम कर रही है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanth) के पहले कार्यकाल में कभी ऐसी तस्वीर नहीं दिखी, जब दोनों उपमुख्यमंत्रियों और मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के पास एक टीम के तौर पर हाजिरी लगाई हो, लेकिन योगी 2.0 सरकार में यह तस्वीर उत्तर प्रदेश की नई टीम की नई कहानी कहती है. इन तस्वीरों के क्या हैं मायने? क्यों योगी आदित्यनाथ की दूसरी पारी में अब टीम पर बीजेपी आलाकमान ने अपना जोर लगाया है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव मौर्य और बृजेश पाठक राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को फूलों का गुलदस्ता देते नजर आते हैं, लेकिन इन तस्वीरों के मायने यूपी की सियासत के लिहाज से कुछ और ही कहानी कहते हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और दूसरे उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की. उसके बाद यह तीन नेताओं की टीम प्रधानमंत्री मोदी से मिलने पहुंची और आखिर में इन तीनों लोगों ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की.
सियासी जानकार इस मीटिंग को लेकर कई तरह के अनुमान लगा रहे हैं. सबसे पहला अनुमान यह है कि बीजेपी आलाकमान अब यूपी को एक टीम के रूप में देखना चाहता है, जिसमें मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच कोई विरोध या विरोधाभास ना हो.
योगी सरकार के पहले कार्यकाल में योगी आदित्यनाथ और केशव मौर्य की आपस में नहीं बनती थी और कानून मंत्री रहे बृजेश पाठक के रिश्ते योगी से सुलभ नहीं थे, लेकिन इस बार दिल्ली दरबार में लगाई जा रही हाजिरी की वजह साफ है कि बीजेपी हाईकमान और सरकार के सर्वोच्च नेता प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह उत्तर प्रदेश में किसी तरीके का आपसी कलह नहीं चाहते.
दरअसल, इस बार विधानसभा में अखिलेश यादव ने अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई है और करीब सवा सौ सीटें लेकर बीजेपी के लिए गंभीर चुनौती पेश कर रहे हैं. 2 साल बाद 2024 का लोकसभा चुनाव है. ऐसे में बीजेपी इस बार योगी की बजाए टीम योगी को आगे कर रही है जिसमें योगी के साथ-साथ एक पिछड़ा और एक ब्राह्मण चेहरा भी बराबरी का नजर आए.

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