
पहली बार गणतंत्र दिवस पर दिखा LCA Tejas, जानिए क्यों जरूरी है ये भारतीय सेनाओं के लिए?
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गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार चार तेजस विमानों के साथ डायमंड फॉर्मेशन बनाया गया. ये दुनिया का इकलौता ऐसा फाइटर जेट है, जिसे दुनिया भर के राडार आसानी से नहीं पकड़ पाते. इसकी कॉम्बैट रेंज 500 km है. यानी हथियारों से लैस होकर दुश्मन के इलाके में जाकर हमला करके वापस आना.
गणतंत्र दिवस 2024 की परेड के दौरान कर्तव्य पथ के ऊपर पहली बार चार LCA Tejas फाइटर जेट ने उड़ान भरी. इन छोटे लेकिन खतरनाक लड़ाकू विमानों ने डायमंड फॉर्मेशन बनाया. फिलहाल तेजस फाइटर जेट के दो स्क्वॉड्रन हैं. एक का नाम फ्लाइंग डैगर्स और दूसरे का फ्लाइंग बुलेट्स.
तेजस फाइटर जेट का आकार छोटा है इसलिए इस समय दुनिया का कोई भी रडार सिस्टम इसे फाइटर जेट की श्रेणी में रखता ही नहीं. इसलिए यह दुश्मन की रडार में पकड़ नहीं आएगा. यानी हमला करना आसान है. इसकी लंबाई 43.4 फीट, ऊंचाई 14.5 फीट और विंगस्पैन 26.11 फीट है.
इस फाइटर जेट क्लोज-एयर-टू-ग्राउंड ऑपरेशन में मददगार है. इसकी अधिकतम गति 1980 km/hr है. यानी साउंड की स्पीड से डेढ़ गुना ज्यादा. इसमें 2458 KG फ्यूल आता है. इसकी कुल रेंज 1850 KM है. अधिकतम 53 हजार km की ऊंचाई तक जा सकता है.
कांच का कॉकपिट ताकि चारों तरफ सही से दिखे
LCA Tejas का कॉकपिट कांच का है. तेजस का ग्लास कॉकपिट जिससे पायलट को चारों तरफ देखने में आसानी होती है. छोटा और मल्टी-रोल सुपरसोनिक फाइटर एयरक्राफ्ट है. दुनियाभर के अन्य विमानों से सस्ता है. इसमें क्वाडरूप्लेक्स फ्लाइ बाय वायर फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम हैं. यानी पायलटों को उड़ाने में ज्यादा सहूलियत मिलती है.
8 हार्डप्वाइंट्स यानी कई हथियारों का सही मिश्रण

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