
'पनौती' और 'मूर्खों का सरदार' को नॉर्मल ही समझिये, भाजपा-कांग्रेस की शिकायत पर चुनाव आयोग क्या करेगा?
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'पनौती' कहने पर राहुल गांधी को नोटिस मिला, तो कांग्रेस ने भी शिकायत कर डाली है. कांग्रेस का कहना है कि मोदी ने भी राहुल गांधी को 'मूर्खों का सरदार' कहा, और अमित शाह ने 'राहू-केतु' - अब तो हर निगाह चुनाव आयोग की तरफ ही देख रही कि कोई फरमान आता भी है या नहीं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'पनौती' कहने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को चुनाव आयोग का नोटिस पहले ही मिल चुका है. बिलकुल वैसे ही जैसे दो पक्षों के झगड़े के बाद थानों में क्रॉस एफआईआर करायी जाती है, कांग्रेस भी शिकायत लेकर चुनाव आयोग पहुंची है.
कांग्रेस ने अपनी शिकायत में कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने भी राहुल गांधी को 'मूर्खों का सरदार' कहा है. बिलकुल वैसे ही बीजेपी नेता अमित शाह ने भी गांधी परिवार और कांग्रेस को 'राहू-केतु' जैसा बताया है.
दोनों ही मामलों में सभी को चुनाव आयोग की कार्रवाई का हद से ज्यादा इंतजार है. चुनाव आयोग की तरफ से अब तक ऐसी चीजों को लेकर कभी कोई सख्त एक्शन लिया हो, ऐसा देखने को नहीं मिलता. ऐसे मामलों में चुनाव आयोग ने ज्यादा से ज्यादा चुनाव प्रचार के दौरान कुछ देर या कुछ दिन के लिए पाबंदी लगाने के बाद चेतावनी देकर छोड़ दिया है.
अब अगर चुनाव आयोग फिर से पुराना रवैया ही अपनाता है, राहुल गांधी और नरेंद्र मोदी दोनों ही नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता, तो क्या समझा जाये - चुनावों में ये सब न्यू नॉर्मल की शक्ल ले चुका है?
एक्शन के अभाव में चुनाव आयोग की एडवाइजरी भी कसमों-वादों जैसी लगती है
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