
न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री बोलीं- मुस्लिमों की मदद करना हमारी जिम्मेदारी
AajTak
मार्च 2019 में क्राइस्टचर्च के मस्जिदों में हुए हमले में 51 लोगों की मौत हो गई थी और कई दर्जन लोग घायल हो गए थे.
न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने कहा है कि मुस्लिमों की मदद करना देश की जिम्मेदारी है. न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च की मस्जिदों में दो साल पहले हुए अटैक के सिलसिले में जैसिंडा अर्डर्न ने यह बात कही. जैसिंडा अर्डर्न क्राइस्टचर्च मस्जिद हमले को लेकर श्रद्धांजलि सभा में शिरकत कर रही थीं. (सभी फोटोज- Reuters) मार्च 2019 में क्राइस्टचर्च की मस्जिदों में हुए हमले में 51 लोगों की मौत हो गई थी और कई दर्जन लोग घायल हो गए थे. एक हमलावर ने भारी हथियारों से दो मस्जिदों में गोलीबारी की थी. घटना के बाद न्यूजीलैंड ने ज्यादातर सेमी-ऑटोमेटिक बंदूकों पर बैन लगा दिया था. वहीं, घटना के सर्वाइवर्स और पीड़ितों के परिजनों के साथ संवेदना प्रकट करने और हौसला देने के लिए न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न की दुनियाभर में तारीफ हुई थी.
ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









