
नोबेल शांति पुरस्कार के लिए मेलानिया ट्रंप को भी किया जाएगा नॉमिनेट? रिपब्लिकन प्रतिनिधि का बड़ा दावा
AajTak
यूक्रेन युद्ध में शांति प्रयासों में अपनी कथित भूमिका के लिए पूर्व फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप को 2025 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया जा सकता है. फ्लोरिडा की एक रिपब्लिकन प्रतिनिधि ने ये दावा किया है.
फ्लोरिडा की रिपब्लिकन प्रतिनिधि अन्ना पॉलिना लूना ने दावा किया है कि अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप को यूक्रेन युद्ध से जुड़े शांति प्रयासों में उनकी भूमिका के लिए 2025 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया जा सकता है.
लूना ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ये दावा किया है. उन्होंने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच संभावित शांति प्रगति के पीछे मेलानिया एक प्रमुख कारण हो सकती हैं.
लूना का कहना है कि मेलानिया ट्रंप ने रूस के साथ अमेरिकी डायलॉग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्होंने ये भी संकेत दिया कि मेलानिया यूक्रेन संघर्ष से संबंधित अमेरिकी मध्यस्थता प्रयासों में आगे भी शामिल हो सकती है.
मेलानिया ने पुतिन को लिखा था पत्र
इस महीने की शुरुआत में यूक्रेन युद्ध पर केंद्रित अलास्का में आयोजित एक शिखर सम्मेलन के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को मेलानिया द्वारा लिखा गया एक पत्र सौंपा था. मेलानिया के ऑफिस ने बाद में इस पत्र को मीडिया के लिए जारी किया, जिसमें उन्होंने पुतिन से युद्ध से प्रभावित बच्चों की सुरक्षा के लिए अपील की थी.
हालांकि, ये मैसेज मोटे तौर पर बच्चों के कल्याण पर केंद्रित था. लेकिन समाचार एजेंसियों ने इसमें अप्रत्यक्ष रूप से हजारों यूक्रेनी बच्चों का उल्लेख किया गया था, जिन्हें फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से कथित तौर पर रूस ले जाया गया है.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?










