
नोटबुक में ऐसे छिपाकर 3.5 करोड़ रुपये दुबई ले गईं 3 छात्राएं, कस्टम ने वापस इंडिया भेजा
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दुबई में तीन भारतीय छात्राओं को 4 लाख डॉलर के साथ पकड़ा गया. ये धनराशि उनके नोटबुक्स के पन्नों के बीच छिपी हुई थी.
इंडिया से दुबई पहुंची तीन छात्राओं के नोटबुक्स से 4 लाख डॉलर यानी 3.5 करोड़ रुपये वहां के कस्टम डिपार्टमेंट ने रिकवर किए. इसके बाद तीनों को वापस भारत भेज दिया गया. इनसे पूछताछ के आधार पर भारत में हवाला रैकेट से जुड़े कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
भारत के कस्टम अधिकारियों को सूचना मिली थी कि यहां से विदेशी मुद्रा में एक बड़ी रकम दुबई भेजी जा रही है. दुबई एयरपोर्ट पर यहां से गईं तीनों छात्राओं की जैसे ही तलाशी ली गई. उनके पास से तीन नोटबुक्स मिले, जिनके पन्नों के बीच 4 लाख डॉलर छिपे हुए थे.
कस्टम अधिकारियों को पहले से शक था कि हवाला रैकेट विदेशी मुद्रा की तस्करी के लिए छात्राओं का इस्तेमाल कर रही है. इसकी सूचना दुबई के ऑफिशियल को भी दे दी गई थी. इसके बाद ही दुबई में छात्राओं को रोककर तलाशी ली गई और डॉलर बरामद हुआ, फिर तीनों को भारत भेज दिया गया.
दुबई में पकड़ी गई छात्राएं दुबई में जब एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) के अधिकारियों ने छात्राओं की पूरी तरह से तलाशी ली, तो उन्हें 400,100 डॉलर मिले. सारे नोट नोटबुक्स के पन्नों के बीच छुपाए गए थे. वैसे छात्राओं को इसके बारे में कुछ भी पता नहीं था. ये इनके बैग में ट्रेवल एजेंट ने छिपाकर रख दिये थे.
पुणे की एक ट्रैवल एजेंट ने बुक किया था टिकट और दिया डॉलर से भरा बैग पूछताछ में पता चला कि लड़कियों ने अपनी यात्रा के टिकट पुणे की एक ट्रैवल एजेंट खुशबू अग्रवाल के जरिए बुक की थी. छात्राओं ने बताया कि अग्रवाल ने ही उन्हें वो बैग दिए थे, जिसमें नोटबुक के अंदर डॉलर छिपे हुए थे. तीनों छात्राएं पोस्ट ग्रैजुएशन की पढ़ाई कर रही हैं.
हवाला रैकेट से जुड़े दो लोगों को किया गया अरेस्ट छात्राओं से पूछताछ के बाद खुशबू अग्रवाल और मुंबई के एक फॉरेक्स ट्रेडर को गिरफ्तार किया गया है. इनके घर छापेमारी कर कई देशों की विदेशी मुद्राएं बरामद की गईं. इनमें दिरहम, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, कनाडाई डॉलर, युआन, यूरो, पाउंड, श्रीलंकाई रुपये, न्यूजीलैंड डॉलर, रियाल, थाई बहत और दक्षिण अफ्रीकी मुद्रा शामिल थीं. खुशबू अग्रवाल और आमिर ने कथित तौर पर कई हवाला लेन-देन के माध्यम से दुबई में 2 मिलियन अमरीकी डॉलर (16.6 करोड़) की तस्करी की थी. यह धनराशि विभिन्न कूरियर के माध्यम से 14 से 15 यात्राओं में स्थानांतरित की गई थी.

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