
नोएडा में रिटायर्ड मेजर जनरल हुए डिजिटल अरेस्ट, साइबर अपराधियों ने ठगे दो करोड़ रुपये
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नोएडा के रहने वाले रिटायर्ड मेजर जनरल को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर 2 करोड़ रुपये ठगी की. साइबर ठगों ने पीड़ित को बताया कि एक पार्सल ताइवान के लिए जा रहा है उस पार्सल को मुंबई कस्टम द्वारा खोला गया था जिसमे ड्रग्स और प्रतिबंधित दवाएं मिली हैं.
नोएडा में डिजिटल अरेस्ट के मामलों में लगातार इजाफा देखा जा रहा है, ताजा मामला नोएडा के सेक्टर 31 का है. यहां रहने वाले रिटायर्ड मेजर जनरल को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर 2 करोड़ रुपये ठगी की. पीड़ित ने थाना साइबर क्राइम सेक्टर 36 में मुकदमा दर्ज कराया है. साइबर क्राइम पुलिस ने ठगों को पकड़ने के लिए तीन टीमों का गठन किया है.
जानकारी के मुताबिक नोएडा के सेक्टर 31 में रहने वाले रिटायर्ड मेजर जनरल एनके धीर को बीते 10 अगस्त को एक कॉल आया था. जिसमें साइबर ठगों ने खुद को डीएचएल कूरियर का कर्मचारी बताया था. साइबर ठगों ने पीड़ित को बताया कि एक पार्सल ताइवान के लिए जा रहा है उस पार्सल को मुंबई कस्टम द्वारा खोला गया था जिसमे ड्रग्स और प्रतिबंधित दवाएं मिली हैं. इसके बाद साइबर ठगों ने बॉम्बे क्राइम पुलिस के नाम पर व्हाट्सऐप के माध्यम से एक व्यक्ति से जोड़ा. जिसने पीड़ित को इंवेस्टिगेशन के नाम पर WhatsApp वीडियो कॉल पर जोड़े रखा.
रिटायर्ड मेजर जनरल से 2 करोड़ की ठगी
एक दिन बाद बदमाशों ने डीसीपी राजपूत नाम से पीड़ित रिटायर्ड मेजर जनरल को फोन किया. पूछताछ का नाटक कर पूरे मामले को निपटारे के लिए पीड़ित से उसके बैंक, म्यूचुअल फंड और एफडी की पूरी जानकारी ली. इसके बाद आरोपियों ने 14 अगस्त को पीड़ित के एकाउंट से पूरा फंड 2 करोड़ रुपये एक दूसरे बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिया. ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज किया
एसीपी साइबर क्राइम विवेक रंजन राय ने बताया कि पीड़ित को WhatsApp के माध्यम से कॉल आया था जिसमें उनके नाम से ताइवान पार्सल में ड्रग्स भेजने की बात बताई और उनसे मुंबई क्राइम ब्रांच में शिकायत की बात कही. पीड़ित से जांच के नाम पर 2 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा कर ठगी की. पीड़ित की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज के किया गया है. आरोपियों की तलाश की जा रही है.

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