
नेपाल प्लेन क्रैश: 21 शव मिले, हेलीकॉप्टर से ला रहे काठमांडू, जांच के लिए कमेटी गठित
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नेपाल नागरिक उड्डयन विभाग ने बताया कि मौके पर अधिकारी पहुंच गए हैं. अब तक 21 शव बरामद किए हैं. इनमें से 11 शव लेकर हेलीकॉप्टर ने दुर्घटनाग्रस्त स्थल से काठमांडू के लिए उड़ान भरी है.
नेपाल में रविवार को हुए विमान हादसे में 21 लोगों की जान गई है. रेस्क्यू टीम से ये शव बरामद किए हैं. उसके बाद 16 शवों को एक हेलीकॉप्टर के जरिए घटनास्थल से काठमांडू भेजा गया है. मौके पर मलवा पड़ा मिला है. विभागीय अफसर भी जांच कर रहे हैं. बता दें कि रेस्क्यू टीमें 24 घंटे से ज्यादा वक्त से विमान की तलाश कर रही थीं.
नेपाल नागरिक उड्डयन विभाग ने बताया कि मौके पर अधिकारी पहुंच गए हैं. अब तक 21 शव बरामद किए हैं. इनमें से 11 शव लेकर हेलीकॉप्टर ने दुर्घटनाग्रस्त स्थल से काठमांडू के लिए उड़ान भरी है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने तारा एयर विमान दुर्घटना की जांच के लिए कमेटी बनाई है. इसमें वरिष्ठ एरोनॉटिकल इंजीनियर रतिशचंद्रलाल सुमन की अगुवाई में 5 सदस्यीय टीम जांच करेगी.
नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के मुताबिक, मस्तांग इलाके में विमान दुर्घटना का शिकार हुआ है. इस विमान में चार भारतीयों समेत 22 लोग सवार थे. इनमें से कई लोग घूमने के लिए नेपाल गए थे. रविवार सुबह करीब 10 बजे ये विमान अचानक लापता हो गया था. दिनभर तलाश में ऑपरेशन चलाया गया. उसके बाद रविवार शाम 4 बजे खबर आई कि विमान क्रैश हो गया है. तब विमान में करीब 22 लोग सवार होना बताए गए थे.
जानकारी के मुताबिक, ये विमान पोखरा से जोमसोम जा रहा था. विमान 30 साल से अधिक पुराना था. तारा एयर के विमान में सवार एक ही परिवार के 7 लोगों की भी मौत हुई है. ये लोग जोमसोम में मुक्तिनाथ दर्शन के लिए जा रहे थे. धनुषा जिला मिथिला नगर पालिका निवासी राजन कुमार गोले, उनके पिता इंद्र बहादुर गोले, मां राममाया तामाड, काका पुरुषोत्तम गोले, काकी तुलसा देवी तामाड, मामा मकर बहादुर तामाड और मामी सुकुमाया तामाड भी विमान में सवार थे. इस परिवार ने अपने सात लोगों के विमान में होने की पुष्टि की है.

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