
नेपाल: पीएम केपी ओली की शपथ को बताया गया था अवैध, SC ने सुनाया ये फैसला
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शुक्रवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह में केपी ओली ने शपथ लेने के दौरान 'ईश्वर' शब्द का इस्तेमाल नहीं किया. राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने जब ईश्वर, देश और लोगों का जिक्र किया तो उनकी बातों को दोहराते हुए केपी ओली ने ईश्वर शब्द का इस्तेमाल नहीं किया.
नेपाल में राजनीतिक हलचल पिछले कई महीनों से काफी ज्यादा देखने को मिल रही है. एक तरफ प्रधानमंत्री केपी ओली का अपनी ही पार्टी संग तल्ख रिश्ता चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ उनकी पीएम की कुर्सी भी लगातार खतरे में आती दिख रही है. अब शुक्रवार को केपी शर्मा ओली ने तीसरी बार बतौर नेपाल के प्रधानमंत्री शपथ ली थी. लेकिन वहां भी एक ऐसा विवाद खड़ा हुआ कि उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चार-चार याचिकाएं दायर कर दी गईं. दरअसल शुक्रवार को हुए शपथ समारोह में केपी ओली ने शपथ लेने के दौरान 'ईश्वर' शब्द का इस्तेमाल नहीं किया. राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने जब ईश्वर, देश और लोगों का जिक्र किया तो उनकी बातों को दोहराते हुए केपी ओली ने ईश्वर शब्द का इस्तेमाल नहीं किया. राष्ट्रपति की तरफ से दो बार ईश्वर शब्द का इस्तेमाल हुआ लेकिन पीएम ने एक बार भी उसको नहीं बोला. लोगों की नजर में ये राष्ट्रपति और उनके पद का अपमान था. इसी वजह से उनके उस शपथ को ही अवैध बता दिया गया और मांग की गई कि उन्हें दोबारा शपथ दिलवाई जाए.
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

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ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

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तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.








