
नेपाल: ओली की पार्टी की याचिका पर SC का अंतरिम सरकार को नोटिस, 7 दिन में देना होगा जवाब
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नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम सरकार के गठन और सदन के विघटन को चुनौती देते हुए एक नोटिस जारी किया है. ये नोटिस बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की पार्टी सीपीएन-यूएमएल द्वारा दायर याचिका के बाद दिया गया है, जिसमें सरकार के गठन और संसद के विघटन को गलत बताया गया है.
नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपदस्थ प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की CPN-UML द्वारा दायर याचिका के जवाब में अंतरिम सरकार को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया, जिसमें अंतरिम सरकार के गठन और प्रतिनिधि सभा को भंग करने को चुनौती दी गई थी. कोर्ट ने सभी प्रतिवादियों से एक हफ्ते के अंदर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है.
सुप्रीम कोर्ट के अधिकारियों के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय की संवैधानिक पीठ ने सभी प्रतिवादियों को अटॉर्नी जनरल के कार्यालय के माध्यम से सात दिनों के अंदर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.
मुख्य न्यायाधीश प्रकाशमान सिंह राउत की पीठ ने ये भी आदेश दिया कि इस याचिका पर सदन को भंग करने और अंतरिम सरकार के गठन से संबंधित पहले के मामलों के साथ सुनवाई की जाए.
'संविधान का उल्लंघन है नियुक्ति'
याचिका में दावा किया गया है कि कार्की की नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 76 और 132(2) का उल्लंघन है, क्योंकि वे न तो संसद की सदस्य हैं और न ही पूर्व मुख्य न्यायाधीश के तौर पर उन्हें ये पद स्वीकार करने का अधिकार है.
संसद बहाली की मांग

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