
निवेशक घबराएं नहीं, कर्ज चुकाने के लिए हैं पैसे, ग्रोथ पर अब भी फोकस... अडानी ग्रुप का बड़ा बयान
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अडानी ग्रुप की ओर से बैलेंस शीट दुरुस्त होने की बात ऐसे समय में कही गई, जबकि बुधवार को शेयर बाजार (Share Market) में कारोबार के दौरान Adani Group के चार शेयरों में फिर से लोअर सर्किट लगा. हालांकि बाकी कंपनियों के शेयर हरे निशान पर कारोबार करते हुए नजर आए.
अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग (Hindenburg) के भंवर में फंसे अडानी ग्रुप (Adani Group) ने अपने निवेशकों को कंपनी पर भरोसा बरकरार रखने की कोशिश की है. बुधवार को ग्रुप ने निवेशकों को आश्वस्त किया है कि उनकी बैलेंस शीट अच्छी स्थिति में है. इन्वेस्टर्स से चर्चा के दौरान ग्रुप सीएफओ का ये बयान ऐसे समय पर आया है, जबकि उसका मार्केट कैप आधे से ज्यादा घट गया है.
कारोबार की रफ्तार पर फोकस बुधवार को शेयर बाजार (Share Market) में कारोबार के दौरान Adani Group के चार शेयरों में फिर से लोअर सर्किट लगा, लेकिन बाकी कंपनियों के शेयर हरे निशान पर कारोबार करते हुए नजर आए. इस बीच कंपनी की ओर से बैलेंस शीट दुरुस्त होने की बात कही गई और बताया गया कि हिंडनबर्ग के असर (Hindenburg Effect) के बावजूद उनका पूरा फोकस ग्रुप के कारोबार की रफ्तार को बनाए रखने पर है.
मार्केट स्थिर होने पर करेंगे समीक्षा पीटीआई के मुताबिक, अडानी ग्रुप के मुख्य वित्त अधिकारी (CFO) जुगशिंदर रॉबी सिंह (Jugeshinder Robbie Singh) ने तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों के साथ चर्चा करते हुए उन्हें भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा, 'हमारे पास पर्याप्त नकदी है और हम अपने कर्जों को चुकाने की क्षमता रखते हैं.' सिंह ने आगे कहा कि मौजूदा बाजार के स्थिर होते ही हम अपनी पूंजी बाजार रणनीति की फिर से समीक्षा करेंगे. उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा कि हमारा ध्यान बाजार के उतार-चढ़ाव में कारोबार की रफ्तार जारी रखने पर केंद्रित हैं.
अडानी ग्रुप का MCap इतना घटा बीते 24 जनवरी 2023 को रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग द्वारा अडानी ग्रुप को लेकर पब्लिश की गई रिपोर्ट में कई शेयरों में हेर-फेर समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए थे. इसके बाद से गौतम अडानी की कंपनियों के शेयर इस कदर टूटे कि अब तक ग्रुप का मार्केट कैप 125 अरब डॉलर तक घट गया है. हालांकि, इस रिपोर्ट के जारी होने के बाद समूह की ओर से जारी स्टेटमेंट में इसे निराधार करार दिया गया था. लेकिन निवेशकों के सेंटिमेंट पर रिपोर्ट के विपरीत असर को कम करने में अडानी ग्रुप नाकाम रहा. इसके चलते गौतम अडानी की नेटवर्थ में जोरदार गिरावट देखने को मिली और अमीरों की लिस्ट में वे देखते ही देखते चौथे पायदान से 24वें नंबर पर आ गए.
हमारे पास 25 वर्षों का अनुभव सीएफओ जुगशिंदर रॉबी सिंह ने निवेशक चर्चा में कहा कि ग्रुप की प्रमुख कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज का अनुशासित तरीके से पूंजी लगाने का 25 वर्षों का इतिहास रहा है और इस अवधि में समूह की कंपनियां कई क्षेत्रों में अगुवा बनकर उभरी हैं. बता दें कि हिंडनबर्ग से ग्रुप पर पड़े असर के बीच अब गौतम अडानी ने शॉर्ट सेलर फर्म से आर-पार का मन बना लिया है और कानून लड़ाई के लिए अमेरिकी लॉ फर्म वॉचटेल को चुना है. ये वही लॉ फर्म है जिसे ट्विटर ने एलन मस्क के खिलाफ इस्तेमाल किया था और 44 अरब डॉलर की डील अंजाम तक पहुंची थी.
Adani की कंपनी को तगड़ा मुनाफा अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Adani Enterprises Ltd) ने मंगलवार को 14 फरवरी 2023 को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के अपने नतीजे जारी कर दिए थे. इस दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 820 करोड़ रुपये रहा. कंपनी ने दिसंबर की तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है. पिछले साल की इसी तिमाही में अडानी एंटरप्राइजेज को 11.63 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. लेकिन इस साल की दिसंबर की तिमाही में अडानी एंटरप्राइजेज ने जोरदार मुनाफा दर्ज किया है.

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