
निंदा की हिम्मत नहीं है तो चिंता नहीं रखती मायने! खामेनेई की मौत के बाद CM उमर अब्दुल्ला की आलोचना
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नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा रूहुल्लाह मेहदी ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की आलोचना की. उन्होंने कहा कि अगर उनमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की निंदा करने का साहस नहीं है, तो चिंता जताने का भी कोई महत्व नहीं है.
नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा रुहुल्लाह मेहदी ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की आलोचना की. मेहदी का कहना है कि मुख्यमंत्री ने खामेनेई की हत्या की निंदा नहीं की है. उन्होंने कहा कि अगर अब्दुल्ला इस घटना की निंदा करने का साहस नहीं जुटा सकते, तो खाड़ी देशों की स्थिति पर उनकी चिंता का कोई महत्व नहीं है.
उन्होंने बिना मुख्यमंत्री का नाम लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “उनके ट्वीट और बयानों को देखने पर लगा कि वे सिर्फ ‘चिंता’ जता रहे हैं, लेकिन निंदा तो दूर, श्रद्धांजलि का एक शब्द भी नहीं है.
श्रीनगर लोकसभा क्षेत्र के सांसद, जो रूलिंग नेशनल कॉन्फ्रेंस से दूरी बनाए हुए हैं, वो कहते हैं कि अगर अब्दुल्ला में किसी स्वतंत्र राष्ट्र पर किए गए हमले की निंदा करने का साहस नहीं है, तो उन्हें अपनी चिंता अपने तक ही रखनी चाहिए.
वो कहते हैं कि, "आप एक संप्रभु राष्ट्र पर हुए हमले और आपके मतदाताओं और नागरिकों द्वारा सम्मानित धार्मिक नेता की हत्या की निंदा करने का साहस नहीं जुटा सकते, क्योंकि केंद्र की सत्ता में बैठे लोग जिनसे आप नजदीकी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, नाराज हो जाएंगे. तो अपनी 'चिंता' अपने पास ही रखें.
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को कहा था कि वह ईरान में हो रही घटनाओं और सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं. उन्होंने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की थी. उन्होंने ऐसे कदम से बचने की अपील की जो तनाव या अशांति पैदा कर सकता है.

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