
ना ट्रंप का नाम, ना ICE का जिक्र... फिर भी इमिग्रेंटस की सटीक तस्वीर उतारती है ऑस्कर विनर 'वन बैटल आफ्टर एनदर'
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ऑस्कर 2026 में 6 अवॉर्ड जीतने वाली ‘वन बैटल आफ्टर एनदर’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि आज के अमेरिका में इमिग्रेंट्स की हकीकत का आईना बन गई है. जबकि 1980 के दशक में सेट इस कहानी, में न ट्रंप हैं न आज का ICE. तो कैसे ये फिल्म इमिग्रेंटस की जिंदगी की सटीक तस्वीर उतरती है, चलिए बताते हैं.
ऑस्कर्स 2026 में बेस्ट पिक्चर, बेस्ट डायरेक्टर समेत 6 अवॉर्ड्स समेटने वाली फिल्म ‘वन बैटल आफ्टर एनदर’ बड़े पर्दे पर पहुंचने के बाद से लगातार एक बेहतरीन आर्ट पीस में बदलती जा रही है. एक ऐसी आर्ट जो हर गुजरते मिनट के साथ और प्रासंगिक होती जा रही है. खासकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस अमेरिका में, जहां दुनिया भर के इमिग्रेंट्स हर दिन डिटेंशन सेंटर में फंसने, डिपोर्ट होने या फिर ICE अधिकारियों के हाथों मारे जाने के डर में जी रहे हैं.
फिल्म की टाइमिंग और अमेरिका में इमिग्रेंट्स की हत्या जनवरी में फेडरल एजेंट्स के हाथों मिनियापोलिस में दो लोगों की हत्या के मामले में लोग ‘वन बैटल आफ्टर एनदर’ का उदाहरण देने लगे थे. फिल्म की प्रोड्यूसर सारा मर्फी ने इस बारे में पूछे जाने पर स्काई न्यूज से कहा कि उनकी फिल्म की टाइमिंग ‘दुखद रूप से सटीक’ है.
सारा ने आगे कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि हम ये अंदाजा लगा भी सकते थे कि फिल्म हमारे घरेलू हालात के इतने करीब होगी, कि यूएस में नस्ल और इमिग्रेशन की सिचुएशन का आईना बन जाएगी.’
पॉल थॉमस एंडरसन की ‘वन बैटल आफ्टर एनदर’ 1990 में आए एक नॉवेल ‘वाइनलैंड’ पर बेस्ड है, जिसकी कहानी 1984 में सेट थी. 40 साल से भी पहले के टाइम पीरियड में सेट ये फिल्म ना ट्रंप का नाम लेती है, ना ICE का. फिर भी आज के यूएस में इमिग्रेंट्स का स्ट्रगल जितना सटीक है, वो ‘वन बैटल आफ्टर एनदर’ को मास्टरपीस बना देता है.
कैसे आज के यूएस से जुड़ती है फिल्म की कहानी? ‘वन बैटल आफ्टर एनदर’ की शुरुआत में एक क्रांतिकारी संगठन फ्रेंच 75, यूएस-मेक्सिको बॉर्डर पर बने एक डिटेंशन सेंटर से इमिग्रेंट्स को छुड़ाने के मिशन पर है. इस डिटेंशन सेंटर की कमान कर्नल स्टीवन लॉकजॉ के हाथों में है, वो किरदार जिसके लिए एक्टर शॉन पेन को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का ऑस्कर मिला है.
डिटेंशन सेंटर वाला पूरा मिशन पर्फिडिया बेवर्ले हिल्स (एक्ट्रेस टेयाना टेलर) और उसका बॉयफ्रेंड पैट (लियोनार्डो डिकैप्रियो) लीड कर रहे हैं. पर्फिडिया के तेवर और हिम्मत किसी भी काबिल मिलिट्री लीडर को टक्कर दे सकते हैं. पैट की सारी क्रांति की वजह पर्फिडिया के लिए उसका प्यार है, वो कोई फाइटर नहीं है बल्कि खुद के दम पर मुश्किल से सर्वाइव कर सकता है. कर्नल लॉकजॉ फेल जरूर होता है, पर उसकी नजरें पर्फिडिया पर गड़ जाती हैं. उसकी नजर में केवल ठरक नहीं है, ब्लैक महिलाओं को सेक्स-ऑब्जेक्ट समझने की घिन भी है और इमिग्रेंट्स के प्रति अथाह नफरत भी.

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