
नशीली चाय पिलाई, फिर तीन लाख लेकर फरार हुआ कर्मचारी, दोस्त के कहने पर दी थी नौकरी
AajTak
यूपी के गाजियाबाद में एक दुकान मालिक ने दोस्त के कहने पर कर्मचारी को दुकान में नौकरी पर रखा. दूसरे ही दिन आरोपी कर्मचारी मालिक और उसके दोस्त को नशीली चाय पिलाकर तीन लाख रुपये लेकर फरार हो गया.
दिल्ली से सटे गाजियाबाद में दुकान में काम करने वाला एक कर्मचारी मालिक को नशीली चाय पिलाकर दुकान लूटकर फरार हो गया. घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के तुराबनगर इलाके की है जहां प्रोविजन स्टोर संचालक को उसी के कर्मचारी ने धोखा दे दिया.
दुकान में काम करने वाले कर्मचारी ने चाय में नशीली दवा मिलाकर मालिक को पिला दिया और दुकान से लगभग तीन लाख रुपये लेकर चंपत हो गया. स्टोर संचालक और उनके दोस्त की जान वहां पहुंचे ग्राहकों ने बचाई. दुकान के मालिक को दो दिनों तक अस्पताल में एडमिट रहना पड़ा.
जानकारी के मुताबिक कर्मचारी दुकान के गल्ले में रखे 80 हजार रुपये के साथ ही दुकान पर आए मालिक के एक अन्य दोस्त के बैग से 2.19 लाख रुपये लेकर वहां से फरार हो गया.
हालांकि ये पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. घटना की शिकायत स्थानीय थाने में की गई हैं और पुलिस शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर आरोपी कर्मचारी की तलाश में जुट गयी है.
पीड़ित दुकानदार के अनुसार उसने किसी जानकार के कहने पर घटना से 1 दिन पहले ही उस शख्स को काम पर रखा था. पहले दिन कुछ घंटे काम के बाद घटना के दिन दूसरी बार उसकी दुकान पर आरोपी काम करने के लिए आया था.
पीड़ित के अनुसार बीते 28 सितंबर की शाम करीब 7:30 बजे दुकान पर उसके एक मित्र आए थे. दोस्त के आने के बाद दुकान मालिक ने कर्मचारी के हाथों बाहर से चाय मंगवाई लेकिन उसने चाय में कोई नशीला पदार्थ मिलाकर उन्हें पिला दिया.

माघ मेले के दौरान चोटी खींचने की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमाई है. डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस घटना को पूरी तरह से गलत और महापाप बताया है. उन्होंने इस कृत्य की निंदा करते हुए बटुकों को बुलाकर उनका सम्मान किया है. इस घटना को लेकर सियासत तेज हो गई है और अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है. इस मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे माहौल और गरमाता दिखाई दे रहा है.

दिल्ली में आयोजित AI समिट में बेहतर भविष्य की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन वहीं राजनीतिक पार्टियां इस तकनीक को हथियार बनाकर आमने-सामने आ गई हैं. कांग्रेस ने AI का एक वीडियो जारी किया, जिसमें लोकसभा स्पीकर का मजाक उड़ाया गया, जिसे बीजेपी ने सदन की अवमानना माना और शिकायत दर्ज कराई. कांग्रेस के तीन नेताओं को नोटिस भेजा गया. दोनों पार्टियां AI वीडियो का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं पर आरोप-प्रत्यारोप कर रही हैं.

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि बीजेपी में दो विचारधाराएं दिख रही हैं और बटुकों के सम्मान को डैमेज कंट्रोल बताया. गोरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने 40 दिन का समय दिया था, जिसमें 20 दिन शेष हैं. समय पूरा होने पर स्थिति साफ़ करने की बात कही है.

अब महाराष्ट्र सरकार ने उस पुराने अध्यादेश से जुड़े आखिरी प्रशासनिक आदेश भी वापस ले लिए हैं. यानी जो थोड़ी-बहुत औपचारिक संरचना बची थी, उसे भी खत्म कर दिया गया है. जमीन पर तुरंत कोई बदलाव नहीं होगा, क्योंकि यह आरक्षण पहले से लागू नहीं था. न शिक्षा में इसका फायदा मिल रहा था, न नौकरियों में. लेकिन कानूनी और राजनीतिक रूप से यह एक बड़ा संकेत है.

इंडिया टुडे की OSINT (ओपन सोर्स इंटेलिजेंस) टीम ने इंस्टाग्राम और यूट्यूब के 50 से ज्यादा ऐसे अकाउंट खंगाले, जहां स्टंट और हादसों के वीडियो डालकर एंगेजमेंट बढ़ाया जा रहा है. कई अकाउंट पहले से कमाई कर रहे हैं या उसकी तैयारी में हैं. सबसे खतरनाक बात ये है कि इसका असर सिर्फ स्क्रीन तक सीमित नहीं है, इससे सड़क पर चलने वाले आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ रही है.

लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा गैंग के सुप्रीम गैंगस्टर महफूज जिसे बॉबी कबूतर के नाम से जाना जाता है, को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है. पहले ही दिन बॉबी कबूतर को पुलिस ने पकड़ लिया था और अब उसकी गर्लफ्रेंड खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा को भी ढूंढ़ कर गिरफ्तार किया गया है. खुशनुमा और बॉबी कबूतर दोनों ने लंबे समय तक पुलिस को छकाया था, लेकिन अब उनकी गिरफ्तारी से पुलिस महफूज गैंग पर बड़ा वार करने में कामयाब रही है.







