
नवी मुंबई में 4 मंजिला इमारत गिरने से 3 लोगों की मौत, 2 घायलों को मलबे से निकाला गया
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नवी मुंबई के सीबीडी बेलापुर इलाके में शनिवार सुबह चार मंजिला आवासीय इमारत गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए. अधिकारियों ने बताया कि इमारत में दरारें देखने के बाद 52 अन्य निवासियों को समय रहते बाहर नहीं निकाला जाता तो यह त्रासदी और बड़ी हो सकती थी.
नवी मुंबई के सीबीडी बेलापुर इलाके में शनिवार सुबह चार मंजिला आवासीय इमारत गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए. शाहबाज गांव में सुबह 4.50 बजे हुई इस घटना के बाद दो घायलों को मलबे से जिंदा बाहर निकाला गया. अधिकारियों ने बताया कि इमारत में दरारें देखने के बाद 52 अन्य निवासियों को समय रहते बाहर नहीं निकाला जाता तो यह त्रासदी और बड़ी हो सकती थी.
नवी मुंबई नगर निगम (NMMC) के आयुक्त कैलास शिंदे ने कहा, 'आज सुबह 13 आवासीय इकाइयों और तीन दुकानों वाली चार मंजिला इमारत ढह गई. मलबे में फंसे एक पुरुष और एक महिला को बचा लिया गया और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.'
तीन लोगों की मौत NDRF और नगर निकाय के अग्निशमन दल के कर्मियों ने बचाव अभियान शुरू किया. नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि दोपहर के समय मलबे के नीचे से एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया, जबकि दो अन्य के शव कुछ घंटों बाद बरामद किए गए. मृतकों की पहचान मोहम्मद मिराज अल्ताफ हुसैन (30), मिराज सैफ अंसारी (24) और सफीक अहमद रहमत अली अंसारी (28) के रूप में हुई है.
उन्होंने बताया कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है. नगर निगम आयुक्त के अनुसार, ढही इमारत 10 साल पुरानी थी और दुर्घटना के कारणों की जांच की जाएगी.
समय रहते बचा लिए गए 52 लोग NMMC के डिवीजनल फायर ऑफिसर पुरुषोत्तम जाधव ने कहा, 'सुबह कुछ निवासियों ने इमारत में दरारें देखीं और अधिकारियों को इसके बारे में सूचित किया. फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और 13 बच्चों सहित 52 लोगों को इमारत से बाहर निकाला. इसके कुछ समय बाद इमारत ढह गई.'
उन्होंने कहा, दो व्यक्तियों लाल मोहम्मद (22) और रुखसाना (21) को सुबह करीब 6 बजे मलबे के नीचे से बचाया गया. अधिकारियों को बाद में पता चला कि मलबे में एक व्यक्ति के फंसे होने की आशंका है और बचाव दल ने उसके मोबाइल पर कॉल करने की कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. बाद में उन्हें पता चला कि उस समय उसके दो दोस्त भी उसके साथ थे. एनडीआरएफ अधिकारी ने कहा कि एक डॉग स्क्वायड ने भी बचाव दल की मदद की.

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