
'नर्मदा परिक्रमा पर दिग्विजय को सलाह देने का नहीं था मन, लेकिन...', MP के मंत्री प्रहलाद पटेल ने खोला 2017 का 'रहस्य'
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MP के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की 'नर्मदा परिक्रमा पदयात्रा' 192 दिन चली. तकरीबन 3,300 किलोमीटर की यह यात्रा मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के बरमान घाट में समाप्त हुई थी.
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा को लेकर सूबे के कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने नया रहस्योद्घाटन किया है. पटेल ने कहा कि वह नर्मदा परिक्रमा शुरू करने जा रहे दिग्विजय की कोई मदद करने के लिए बहुत उत्सुक नहीं थे, लेकिन बाद में उन्होंने अपना मन बदल लिया.
दरअसल, BJP के वरिष्ठ नेता पटेल कई बार नर्मदा परिक्रमा कर चुके थे, यहां तक कि कुछ मौकों पर नंगे पैर भी, इसलिए BJP और RSS के कटु आलोचक दिग्विजय सिंह ने अपनी यात्रा शुरू करने से पहले बीजेपी नेता से सलाह ली.
बीजेपी नेता ने राजधानी भोपाल सेंट्रल प्रेस क्लब की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में एक सवाल के जवाब में कहा, "शुरू में मैं दिग्विजय सिंह को सलाह देने से हिचकिचा रहा था, क्योंकि हम कट्टर राजनीतिक विरोधी हैं. उन्होंने मुझसे दो बार संपर्क किया और मैं अपना मन नहीं बना पाया. लेकिन फिर संसद में हमारी मुलाक़ात हुई, और यह तय हुआ कि वह सलाह लेने के लिए मेरे घर आएंगे."
प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा, "मेरे बुजुर्गों ने भी मुझसे उनकी मदद करने को कहा, क्योंकि यह पूरी तरह से एक धार्मिक मामला था और इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था."
मोहन सरकार में कैबिनेट मंत्री पटेल ने आगे बताया, "बाद में दिग्विजय सिंह दिल्ली में मेरे घर आए, जहां मैंने उन्हें परिक्रमा से जुड़ी आवश्यक जानकारी दी."
इस दौरान पटेल ने कांग्रेस नेता को प्रसिद्ध लेखक अमृतलाल वेगड़ से मिलने की भी सलाह दी, जिन्होंने नर्मदा परिक्रमा पर कई किताबें लिखी हैं.

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