
नताशा पिर्क: 54 साल की महिला पत्रकार, निर्दलीय लड़ीं और बन गईं इस देश की राष्ट्रपति
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नताशा पेशे से एक पत्रकार और वकील हैं, जिन्होंने निर्दलीय तौर पर राष्ट्रपति चुनाव लड़ा था. लेकिन उन्हें स्लोवेनिया की सेंटर-लेफ्ट सरकार का समर्थन मिला. वह स्लोवेनिया की पहली महिला राष्ट्रपति बनने जा रही हैं.
नताशा पिर्क मुसर (Natasa Pirc Musar) स्लोवेनिया की पहली महिला राष्ट्रपति बनकर इतिहास रचने जा रही हैं. पेशे से वकील नताशा ने राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर में जीत दर्ज कर यह कीर्तिमान स्थापित किया. चुनाव आयोग के मुताबिक, नताशा (54) को 53.86 फीसदी वोट मिले जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी और पूर्व विदेश मंत्री एंदेज लोगार को 46.14 फीसदी वोट मिले.
चुनाव में जीत के बाद नताशा ने कहा, मैं सभी के लिए एक सच्ची राष्ट्रपति साबित होने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगी. मैं मूलभूत और संवैधानिक लोकतांत्रिक अधिकारों और लोकतंत्र के लिए काम करूंगी.
उन्होंने कहा कि इस जीत से वह स्लोवेनिया और विदेश में महिलाओं की आवाज बनकर उभरेंगी.
उन्होंने अपने विक्ट्री भाषण में क्लाइमेट चेंज की समस्याओं पर बात की. उन्होंने कहा, हमारी पृथ्वी की देखभाल की जिम्मेदारी युवा अब हमारे कंधों पर डाल रहे हैं ताकि हमारी अगली पीढ़ी, हमारे बच्चे स्वस्थ और साफ वातावरण में रह सकें.
नताशा ने कहा कि स्लोवेनिया ने एक ऐसे राष्ट्रपति का चुनाव किया है, जो यूरोपीय यूनियन में विश्वास करती है, जिनका उन लोकतांत्रिक मूल्यों मे विश्वास है, जिस पर ईयू की स्थापना हुई है.
बता दें कि नताशा एक पूर्व टीवी प्रेजेंटर हैं, जो बाद में प्रभावशाली वकील बनी और उन्होंने कई सामाजिक कल्याणाकरी मामलों और मानवाधिकार मामलों की पैरवी की.

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