
'धुरंधर 2' देखकर तमतमाए रियल 'जमील जमाली', बोले- ल्यारी नहीं आतंकवाद का अड्डा
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'धुरंधर 2' जिन लोगों ने देखी है, उन्हें मालूम हो गया है कि आखिर क्यों राकेश बेदी का किरदार जमील जमाली फिल्म का असली 'हीरो' है. हालांकि जिस पाकिस्तानी नेता नबील गबोल पर ये किरदार बेस्ड माना जाता है, वो मेकर्स से काफी नाराज हैं. आइए, जानते हैं नबील गबोल की रियल स्टोरी.
आदित्य धर की 'धुरंधर: द रिवेंज' ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचा. फिल्म ने सीधा 100 करोड़ से भी ज्यादा की ओपनिंग की, जिससे कई रिकॉर्ड्स नेस्तनाबूद हुए. जो भी फिल्म देखकर थिएटर से बाहर निकला, अधिकतर सभी को पसंद आई है. 'धुरंधर 2' में उन्हें कई चीजों ने इंप्रेस किया है, जिसमें से एक जमील जमाली का किरदार भी था.
राकेश बेदी के किरदार जमील जमाली ने फिल्म में जो किया, उसकी किसी ने उम्मीद नहीं की थी. 'धुरंधर' में उन्हें एक कॉमिक किरदार में दिखाया गया था, जिसके कारण पूरी फिल्म में मजा बरकरार रहा. हालांकि जिस पाकिस्तानी नेता पर ये किरदार बेस्ड बताया जाता है, वो राकेश बेदी के निभाए रोल से नाखुश थे.
'धुरंधर' का असली जमील जमाली
दिसंबर 2025 में जब धुरंधर का पहला पार्ट आया था, तब रियल लाइफ 'जमील जमाली' यानी नबील गबोल ने नाराजगी जाहिर की थी. उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान ये साफ कहा था कि जिस तरह से उन्हें फिल्म में दिखाया गया है, वो गलत है. उनके मुताबिक, वो ल्यारी के मेन हीरो थे, जिसे फिल्म में कॉमिक अंदाज में पेश किया गया.
नबील गबोल ने कई बार 'धुरंधर' में अपने किरदार को गलत तरीके से दिखाए जाने पर बात की थी. एक पॉडकास्ट में उन्होंने कहा था कि फिल्म में पाकिस्तान और ल्यारी की छवि को बदनाम किया गया है. नबील गबोल ये भी बोले थे कि अगर ल्यारी में कोई इंडियन एजेंट आता, तो वो बचकर नहीं निकल पाता. ल्यारी की गलत छवि पर एक यूट्यूब चैनल से नेता ने कहा था, 'इंडिया ने पाकिस्तान के खिलाफ ये फिल्म बनाने की नाकाम कोशिश की.'
'उसमें ल्यारी को एक आतंकवाद का अड्डा दिखाया गया. इसमें कोई शक नहीं कि वहां गैंग वॉर हुईं, उससे मुझपर भी असर हुआ. उस वक्त जो हालात ल्यारी के थे, वो सभी को पता हैं. मगर अब जो चीजें यहां बदली हैं. पूरी कराची में सबसे कम क्राइम ल्यारी के चार थानों में हैं. रात के 3 बजे लड़कियां भी अपने घर के बाहर निकल सकती हैं, वहां इतनी सेफ्टी हो गई है.'













