
दो युद्ध और 6 कनफ्लिक्ट जोन... जंग में तबाही के बीच बच्चों की दुर्दशा पर UN की रिपोर्ट क्या कुछ कहती है
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संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में रूसी सशस्त्र बल लगातार तीसरे साल ब्लैक लिस्टेड हैं, जिसे लेकर महासचिव गुटेरेस ने दावा किया कि यूक्रेन में बच्चों के खिलाफ गंभीर उल्लंघनों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक रूसी फोर्स 94 यूक्रेनी बच्चों की हत्या, 577 अन्य को घायल करने, स्कूलों पर 559 हमले और अस्पतालों पर 303 हमलों के लिए जिम्मेदार है.
रूस-यूक्रेन युद्ध को तीन से ज्यादा साल हो चुके हैं, लेकिन यह लड़ाई थमने का नाम नहीं ले रही. इसी तरह इजरायल-फिलिस्तीन युद्ध में भी हजारों लोगों की जान चली गई और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं. लेकिन दुनिया में चल रहे युद्धों से सबसे ज्यादा नुकसान बच्चों को हो रहा है. हाल ही में संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में इस बात की विस्तृत जानकारी दी गई है.
गाजा-हैती में बुरे हालात
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल कई संघर्षों में बच्चों के खिलाफ हिंसा उच्च स्तर पर पहुंच गई है. बच्चों के खिलाफ हिंसा के सबसे ज्यादा मामले 6 कंफ्लिक्ट जोन से सामने आए हैं, इनमें गाजा और वेस्ट बैंक, कांगो, सोमालिया, नाइजीरिया और हैती जैसे इलाके शामिल हैं. एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की सैन्य संघर्ष में बच्चों पर वार्षिक रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि 2024 में 18 साल से कम उम्र के बच्चों के खिलाफ गंभीर उल्लंघन में 25 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है, जबकि साल 2023 में इन घटनाओं में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी.
गुटेरेस ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने बच्चों के खिलाफ 41,370 उल्लंघनों की पहचान की है, जिनमें से 36,221 साल 2024 में किए गए थे. बाकी 5,149 पहले किए गए थे, लेकिन इनकी पुष्टि पिछले साल हुई. इन उल्लंघन में बच्चों की हत्या, उन्हें अपाहिज बनाना, भर्ती करना, उनका अपहरण करना, उनके खिलाफ यौन हिंसा, स्कूलों और अस्पतालों पर हमला करना और उनको मानवीय सहायता तक पहुंच से दूर करना शामिल है.
ब्लैक लिस्ट में इजरायली सेना इस साल दूसरी बार इजरायली सेना को ब्लैक लिस्ट में रखा गया है, क्योंकि सेना की तरफ से 7,188 गंभीर उल्लंघन किए गए हैं, जिसमें गाजा में 1,259 फिलिस्तीनी बच्चों की हत्या और 941 अन्य को घायल करना शामिल है. संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि उसके पास सख्त मानदंड हैं और सत्यापन प्रक्रिया अभी भी जारी है. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट की तुलना में बहुत ज्यादा आंकड़े बताए हैं.
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