
दो बीवी और 6 बच्चों की लड़ाई में फंस गया था केंद्रीय मंत्री का भतीजा, फांसी पर लटक कर दे दी जान
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नंदकिशोर की मौत की खबर का आग की तरफ फैल जाना लाजमी था. अब पूरे सूबे में उसकी आत्महत्या की चर्चा होने लगी. असल में नंदकिशोर रावत ने दो शादियां कर रखी थी. पहली पत्नी हिंदू है जिसका नाम है पूजा. मगर दूसरी बीवी मुस्लिम है, जिसका नाम शकीला है. दोनों पत्नियों से बच्चे भी हैं.
केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर के भतीजे नंदकिशोर की मौत का मामला चर्चाओं में आ गया है. इस खबर के चर्चा में आने की वजह केवल ये नहीं कि मरने वाला एक केंद्रीय मंत्री का भतीजा था, बल्कि उसकी निजी जिंदगी की वो कहानी है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है. माना जा रहा है कि अपनी जिंदगी के परेशानियों से तंग आकर ही उसने खुदकुशी की है. दरअसल, यह मामला संपत्ति और गृह क्लेश से जुड़ा हुआ है.
कौन था नंदकिशोर रावत? नंदकिशोर रावत केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर का भतीजा था. वह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था. रावत भारतीय जनता पार्टी का सपोर्टर भी था. साथ ही नंदकिशोर श्री बालाजी महाराज नामक एक ट्रस्ट का अध्यक्ष था. वो समय-समय पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फोटो के साथ होर्डिंग लगवा कर त्योहारों पर आम जनमानस को बधाइयां दिया करता था.
दो शादी कई बच्चे ऐसे में नंदकिशोर की मौत की खबर का लखनऊ में आग की तरफ फैल जाना लाजमी था. अब पूरे सूबे में उसकी आत्महत्या की चर्चा होने लगी. असल में नंदकिशोर रावत ने दो शादियां कर रखी थी. पहली पत्नी हिंदू है जिसका नाम है पूजा. मगर दूसरी बीवी मुस्लिम है, जिसका नाम शकीला है. दोनों पत्नियों से बच्चे भी हैं. जिसमें पूजा से 4 बच्चे और शकीला से 2 बच्चे हैं.
घर में होती थी कलह जब नंदकिशोर ने शकीला के साथ दूसरी शादी की थी तो उसके बड़े-बड़े बच्चे थे. उन्हें लेकर शकीला अक्सर अपने पति यानी नंदकिशोर से क्लेश करती थी. उधर, इसी बात को लेकर पूजा से भी नंदकिशोर की कहासुनी हो जाया करती थी.
ये थी विवाद की वजह असल में नंदकिशोर अपनी दोनों पत्नियों के लड़कों और बच्चों के नाम से काफी संपत्तियां खरीदा करता था. यही बात उसकी जिंदगी में जहर बनने लगी. संपत्ति की खरीद-फरोख्त को लेकर ही अक्सर उसके घर में विवाद होता था. जब दोनों पत्नियों के बच्चों के लिए वो अलग-अलग प्रॉपर्टी खरीदता था, तो घर में कलह मच जाती थी.
तंग आकर मौत को गले लगाया यही बात अक्सर उसे परेशान किया करती थी. वो दोनों बीवियों को समझाया करता था. लेकिन उन्होंने उसकी एक नहीं मानी. इस कलह से वो तंग आ चुका था. जिसके चलते उसने एक खौफनाक फैसला किया और उसी फैसले को अमली जामा पहनाते हुए उसने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. उसकी दोनों पत्नियों को बिल्कुल भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि वो इतना बड़ा कदम उठा लेगा. अब उसके घर में मातम पसरा हुआ है.

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